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Vaishakh Maas 2026: वैशाख माह कब से हो रहा शुरू? जानिए तारीख, धार्मिक महत्व और इससे जुड़े खास नियम

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Mar 28, 2026 12:50 pm IST,  Updated : Mar 28, 2026 12:50 pm IST

Vaishakh Maas 2026: हिंदू पंचांग का दूसरा महीना वैशाख धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। इस महीने में स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व होता है। तो चलिए जानते हैं वैशाख महीने की शुरुआत, महत्व और इससे जुड़े खास नियम।

Vaishakh Maas 2026- India TV Hindi
कब से लग रहा वैशाख महीना 2026 Image Source : INDIA TV

Vaishakh Maas 2026 Start Date: हिंदू धर्म में हर महीने का अपना अलग महत्व होता है, लेकिन हिंदू पंचांग का दूसरा महीना 'वैशाख' विशेष रूप से पुण्य देने वाला माना गया है। यह माह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसमें किए गए स्नान, दान और पूजा-पाठ का फल भी कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दौरान सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में होते हैं, जिससे इस महीने की शुभता और बढ़ जाती है। यही वजह है कि इस समय किए गए धार्मिक कार्यों को अत्यंत फलदायी बताया गया है।

कब से शुरू हो रहा है वैशाख माह (Kab Se Shuru Ho Raha Vaishakh Maas)

हिंदू नववर्ष 2083 के दूसरे माह वैशाख का प्रारंभ चैत्र पूर्णिमा के अगले दिन से होगा। इस मास में सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में होते हैं। मेष संक्रांति से सौर कैलेंडर के नए साल की भी शुरुआत होती है। यह नया सौर वर्ष होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह की शुरुआत कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। इस बार यह तिथि 2 अप्रैल की सुबह से शुरू होकर 3 अप्रैल की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर वैशाख माह का आरंभ 3 अप्रैल 2026 से माना जाएगा।

विशेष योग और नक्षत्र में शुरुआत

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल वैशाख माह की शुरुआत खास योग और नक्षत्र में हो रही है। प्रारंभ के समय व्याघात योग रहेगा, जो दोपहर तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद हर्षण योग शुरू होगा। वहीं, चित्रा नक्षत्र के प्रभाव में दिन की शुरुआत होगी, जो शाम तक रहेगा। इन योगों का धार्मिक महत्व माना जाता है।

कब होगा वैशाख माह का समापन (Vaishakh Month 2026 End date)

वैशाख माह का समापन पूर्णिमा तिथि के साथ होता है। इस साल यह पूर्णिमा 1 मई 2026 को पड़ रही है। इस दिन के साथ ही हिंदू कैलेंडर का दूसरा और पवित्र महीना वैशाख का समाप्त हो जाएगा।

वैशाख माह का धार्मिक महत्व (Vaishakh Maah Significance)

धार्मिक ग्रंथों में वैशाख को सबसे श्रेष्ठ महीनों में गिना गया है। मान्यता है कि इस माह में किए गए स्नान और दान का पुण्य अक्षय होता है, यानी कभी समाप्त नहीं होता। यही कारण है कि अक्षय तृतीया जैसे बड़े पर्व भी इसी महीने में आते हैं। इस दौरान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व बढ़ जाता है।

कैसे पड़ा वैशाख नाम (Vaishakh Maah Ka Naamkaran)

हिंदू कैलेंडर में महीनों का नाम नक्षत्रों के आधार पर रखा जाता है। वैशाख माह का नाम विशाखा नक्षत्र से जुड़ा है। चैत्र पूर्णिमा के बाद वैशाख माह का प्रारंभ होता है और पूर्णिमा के दिन चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में स्थित होता है, इसलिए इस महीने को वैशाख कहा जाता है।

वैशाख माह में क्या करें (Vaishakh Maah Mein Kya Karein)

सनातन धर्म में, जल दान को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। खासकर गर्मी के मौसम में प्यासे को पानी पिलाना पुण्यदायक होता है। पितरों के लिए तर्पण करना भी शुभ माना जाता है। इसके अलावा चप्पल, छाता, अन्न और वस्त्र का दान करने से विशेष लाभ मिलता है। नियमित स्नान और पूजा से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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