मुम्बई: टीम के सीमित ओवरों के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने मंगलवार को कहा कि कोच को भारतीय खेल संस्कृति से वाकिफ होना चाहिए।
धोनी ने जिम्बाब्वे दौरे से पहले यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हिन्दी कई मापदंडों में से एक हो सकती है लेकिन सिर्फ यही एक मापदंड हो, ऐसा नहीं है। भाषा समस्या नहीं है, कोच को हमारी संस्कृति का ज्ञान होना चाहिए।"
ग़ौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच की चयन प्रक्रिया जारी है और पिछले सप्ताह BCCI के विज्ञापन के बाद आवेदन भी आने शुरु हो गए हैं। इनमें एक नाम टीम इंडिया के हाल ही तक डायरेक्टर रहे रवि शास्त्री और चयन समिति के चैयरमेन संदीप पाटील का भी नाम है। पद के लिए आवेदन देने के लिए अंतिम तारीख 10 जून रखी गई है।
धोनी ने लालचंद राजपूत, ग्रैग चैपल, गैरी कर्स्टन और डंकन फ्लैचर जैसे प्रशिक्षकों के साथ काम किया है। इन सभी के अलावा भारतीय कप्तान ने मार्च-अप्रैल में खेले गए टी-20 विश्व कप तक रवि शास्त्री के साथ भी काम किया है। शास्त्री निदेशक के तौर टीम के साथ जुड़े थे।
बीसीसीआई की कोशिश ऐसा कोच तलाशने की है जिसको हिन्दी भाषा का ज्ञान हो, हालांकि यह कोई शर्त नहीं है। धोनी ने भी बोर्ड से सहमति जताते हुए कहा कि नए कोच को भारतीय संस्कृति का ज्ञान होना चाहिए।