भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का कामकाज देखने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित 4 सदस्यीय प्रशासक समिति के प्रमुख विनोद राय का कहना है कि इस समिति का कार्यकाल बहुत सीमित होगा और इस दौरान ये "नाइटवाचमैन" की भूमिका निभाएगी।
क्रिकइंफो के अनुसार राय ने कहा कि समिति के मक़सद BCCI के कामकाज में पारदर्शिता लाना और उसे पेशेवर और जवाबदेह बनाना है।
इस समिति के अन्य सदस्य इतिहासकार रामचंद्र गुहा, IDFC के मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विक्रम लिमाये और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान डयना इदुल्जी हैं।
राय ने कहा कि "हम खेल के दीर्घकालिक प्रशासक नही हैं। खेल का प्रशासन उन पेशेवर लोगों के हाथों में होना चाहिये जो इस लायक हैं।"
राय भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1972 बैच के हैं और मूलत: लखनऊ के हैं। राय ने क्लब स्तरीय क्रिकेट खेला है लेकिन खेल प्रशासन से कभी नही जुड़े। कोर्ट इसके पहले भी राय को महत्वपूर्ण सलाहकार भूमिका के लिए नियुक्त कर चुका है।
उन्होंने कहा कि रविवार को भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 मैच के दौरान वह तब नाख़ून चबा रहे थे जब जसप्रीच बूमराह बॉलिंग कर रहा था।