राजकोट: मुख्य कोच अनिल कुंबले ने एक कायदा बनाया है कि चोट से उबर रहे खिलाडि़यों को राष्ट्रीय टीम में वापसी करने पर अपने नाम का विचार कराने के लिए घरेलू क्रिकेट में खेलना होगा। बीते समय में ऐसे कई उदाहरण रहे हैं जब खिलाड़ी गंभीर चोट के बाद तेजी से वापसी के चक्कर में चोटिल हो गए।
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रोहित शर्मा, लोकेश राहुल, शिखर धवन और भुवनेश्वर कुमार चोटिल खिलाडि़यों की सूची में शामिल हैं और कुंबले को लगता है कि खिलाड़ियों के साथ बातचीत इसमें अहम है क्योंकि उनकी वापसी की उत्सुकता को समझा जा सकता है। कुंबले ने कहा, ‘किसी भी टीम की गतिविधि में बातचीत अहम है। अच्छा कर रहे हैं या नहीं, लेकिन चोटिल खिलाडि़यों के साथ बातचीत इतनी ही अहम है। इस खेल को खेलने के बाद मैं जानता हूं कि जब कोई और खिलाड़ी खेल रहा होता है तो उनके दिमाग में क्या चल रहा होता है। वह उम्मीद करता है कि उसकी टीम और वह खिलाड़ी अच्छा करे, लेकिन उन्हें एक साथ रखना काफी अहम होता है।’
अनिल कुंबले राहुल और रोहित के लिये बहुत दुखी थे जिन्हें हाल में जांघ की गंभीर चोट लगी थी जिसकी सर्जरी की जरूरत हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोकेश राहुल जो इतना बढि़या खेला, अब नहीं खेल रहा। इसी तरह भुवी, शिखर। रोहित के लिए यह बड़ा झटका है। रोहित के लिये बहुत दुखी हूं क्योंकि वह टेस्ट फॉर्मैट में बढि़या कर रहा था। निश्चित रूप से हम रोहित की छोटे फॉर्मैट में अहमियत जानते हैं।’