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दिल्ली: मेट्रो और नमो भारत स्टेशन के पास बनेंगे सस्ते घर, जानिए क्या है सरकार की प्लानिंग?

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Apr 08, 2026 07:52 am IST,  Updated : Apr 08, 2026 07:52 am IST

केंद्र सरकार ने दिल्लीवालों को एक बड़ा तोहफा देते हुए ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) योजना में बड़े बदलावों को मंजूरी दे दी है। इस नई नीति के तहत, अब मेट्रो, नमो भारत स्टेशनों के पास रहने के लिए सस्ते और शानदार घर बनाए जाएंगे।

दिल्ली मेट्रो के पास...- India TV Hindi
दिल्ली मेट्रो के पास बनेंगे सस्ते घर Image Source : CANVA

दिल्ली में घर खरीदना लंबे समय से आम लोगों के लिए मुश्किल बना हुआ है, लेकिन अब सरकार एक ऐसी योजना लेकर आई है जिससे यह सपना आसान हो सकता है। केंद्र सरकार ने मेट्रो, नमो भारत और रेलवे स्टेशनों के आसपास सस्ते घर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए पारगमन उन्मुख विकास (TOD) नीति में अहम बदलाव किए गए हैं, जिससे हजारों लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

क्या है TOD योजना?

टीओडी यानी ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट एक ऐसी योजना है, जिसके तहत सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो और रेलवे के पास ही आवास और कमर्शियल प्रोजेक्ट विकसित किए जाते हैं। इसका मकसद लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी देना और शहर में ट्रैफिक व प्रदूषण कम करना है। अब सरकार इस योजना के जरिए मेट्रो और नमो भारत कॉरिडोर के 500 मीटर के दायरे में सस्ते घर विकसित करने जा रही है।

207 वर्ग किलोमीटर में होगा विकास

नई नीति के तहत दिल्ली में करीब 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को विकास के लिए चिन्हित किया गया है। इसमें मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर 500 मीटर और आरआरटीएस व रेलवे स्टेशनों के आसपास का इलाका शामिल है। इस बड़े क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से आवास, दुकानों और अन्य सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे लोगों को घर और परिवहन दोनों की सुविधा एक ही जगह पर मिल सके।

अब इन इलाकों को भी मिलेगा फायदा

पहले टीओडी नीति के दायरे से बाहर रहे कई इलाके अब इसमें शामिल कर लिए गए हैं। करीब 80 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र, जिसमें अनधिकृत कॉलोनियां, कम घनत्व वाले आवासीय क्षेत्र और भूमि पूलिंग वाले इलाके आते हैं, अब इस योजना का हिस्सा होंगे। इससे इन इलाकों का भी तेजी से विकास होगा और यहां रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

क्या हैं नई नीति के प्रमुख प्रावधान?

सरकार ने इस योजना को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं:

  • अब 2000 वर्ग मीटर के छोटे भूखंडों पर भी विकास संभव होगा
  • 2000 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर 18 मीटर चौड़ी सड़क के साथ अधिकतम 500 एफएआर (Floor Area Ratio) की अनुमति होगी
  • कुल एफएआर का 65% हिस्सा आवासीय उपयोग के लिए अनिवार्य होगा
  • 100 वर्ग मीटर तक के फ्लैट्स को प्राथमिकता दी जाएगी
  • बाकी 35% हिस्से में से 10% क्षेत्र कमर्शियल और अन्य सुविधाओं के लिए रखा जाएगा

इन प्रावधानों का मकसद है कि लोगों को सस्ती कीमत में बेहतर घर मिल सके और उनके आसपास सभी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हों।

ट्रैफिक और प्रदूषण में भी मिलेगी राहत

इस योजना का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि लोगों को अपने घर से मेट्रो या स्टेशन तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। इससे निजी वाहनों का इस्तेमाल कम होगा और ट्रैफिक जाम के साथ-साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी।

आम लोगों को क्या होगा फायदा?

इस योजना से सबसे ज्यादा फायदा मिडिल क्लास और लोअर इनकम ग्रुप को मिलेगा। सस्ते घर, बेहतर कनेक्टिविटी और आसपास ही रोजगार के अवसर मिलने से जीवन आसान होगा। सरकार का मानना है कि यह योजना दिल्ली के शहरी विकास को नई दिशा देगी और आने वाले समय में आवास की समस्या को काफी हद तक कम करेगी।

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