Financial Stability Jyotish Upay: नौकरी पेशा लोगों को महीने के आखिरी तारीख का बेसब्री से इंतजार रहता है। ऑफिस में महीने भर की मेहनत करने के बाद सैलरी आने की खुशी ही अलग होती है। व्यक्ति सैलरी आते ही अपने आने वाले दिनों का बजट और सभी खर्चों की लिस्ट तैयार कर लेता है। ऐसे में पहले ही खर्चों के बारे में सोचकर व्यक्ति की हालत खराब हो जाती है। ज्यादातर लोगों को इन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है तो इसके पीछे कई वजहें हो सकती है। सनातन धर्म की मान्यताओं में कुछ ऐसे ज्योतिष उपाय बताए गए हैं जो सैलरी आते हैं कर लेने चाहिए, ताकि आर्थिक स्थिरता बनी रहे और धन की कमी कभी न हो। तो चलिए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
मां लक्ष्मी और विष्णुजी की पूजा
मां लक्ष्मी धन की अधिष्ठात्री देवी हैं। ऐसे में सैलरी मिलने वाले दिन या अगले दिन की सुबह मां लक्ष्मी और विष्णु जी की विशेष पूजा करें। इसके लिए पूजा घर में दीपक जलाएं। देवी लक्ष्मी को कमल का फूल, सफेद मिठाई या संभव हो तो खीर का भोग लगाएं। इसके बाद 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। विष्णु को तुलसी दल जरूर अर्पित करें। यह उपाय आर्थिक स्थिरता देगा।
भगवान गणेश को अर्पित करें कुछ हिस्सा
सैलरी आने पर गणेश जी को धन का एक छोटा हिस्सा जरूर अर्पित करें। यह हिस्सा गणेश मंदिर में दान कर सकते हैं या फिर घर में ही गणेश जी के सामने रखकर "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का 21 बार जाप करें। बाद में इस राशि को दान कर दें या धार्मिक कार्य में उपयोग करें। ऐसा करने से गणपति जी की कृपा से आपके पास धन का प्रवाह सुचारु रूप से बना रहता है और धन की हानि नहीं होती।
दान है सबसे बड़ा पुण्य
धर्म शास्त्रों और ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, व्यक्ति को फिजूल खर्च करने से हमेशा बचना चाहिए। आर्थिक तंगी से बचने के लिए कहा जाता है कि तनख्वाह आते ही सबसे पहले आपको अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान जरूर करना चाहिए। सनातन धर्म में दान करने को सबसे बड़ा पुण्य कर्म कहा गया है। अगर आप बहुत ज्यादा दान नहीं कर सकते तो आपको याद से हर माह अपनी सैलरी का 10 प्रतिशत हिस्सा जरूर दान करना चाहिए।
दान करने से मिलते हैं कई लाभ
दान करने से आप किसी जरूरतमंद व्यक्ति का सहारा बनते हैं, जिससे आपको पुण्य के साथ-साथ लोगों का आशीर्वाद भी मिलता है। अगर आप सैलरी आते ही अन्न, वस्त्र और मौसम के अनुसार काम आने वाली चीजों का दान करें। कहा जाता है कि दान करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि अपनी सामर्थ्य के अनुसार व्यक्ति को समय-समय पर दान करते रहना चाहिए, ताकि देवी-देवताओं और पूर्वजों का आशीर्वाद हमेशा बना रहे।
सनातन धर्म ग्रंथों में दान करने वाले महान लोगों के कई उदाहरण मिलते हैं, जिन्होंने अपना अपना सब कुछ दान कर दिया। सबसे बड़ा उदाहरण राजा हरिशचंद्र का है, जिन्होंने न केवल अपना संपूर्ण राज्य दान कर दिया, बल्कि दक्षिणा देने के लिए चांडाल के यहां भी नौकरी करने में संकोच नहीं किया। ऐसे ही एक राजा बलि हुए, जिन्होंने विष्णु जी के वामन अवतार को तीन पग धरती में दान करने का वचन दिया था। जिसे पूरा करने के लिए तीनों लोक कम पड़े तो स्वंय को भी दान कर करने से पीछे नहीं हटे थे।
सैलरी मिलते उसका एक छोटा हिस्सा विशेष रूप से गाय के लिए हरा चारा, ब्राह्मण को भोजन या किसी मंदिर में तिल के तेल का दान करने में खर्च करें। दान करते समय 'ॐ कुबेराय नमः' मंत्र का जाप करें। यह उपाय नकारात्मक कर्मों को कम करता है और आर्थिक तंगी से बचाता है।
पैसा रखने की दिशा
धन की ऊर्जा को दिशा भी प्रभावित करती है। तिजोरी को कभी भी ऐसी जगह नहीं रखना चाहिए, जहां वह दक्षिण दिशा की ओर खुलती हो। तिजोरी को दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें, लेकिन उसका मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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