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लार के इस्तेमाल पर ICC ने लगाया बैन, COVID-19 रिप्लेसमेंट को दी मंजूरी

 Written By: India TV Sports Desk
 Published : Jun 09, 2020 06:55 pm IST,  Updated : Jun 09, 2020 08:04 pm IST

आईसीसी की क्रिकेट समिति ने सलाइवा ( लार ) का उपयोग न करने की सिफारिश की जबकि पसीने के इस्तेमाल पर रोक ना लगाने की बात कही गई थी। इस पर आईसीसी ने अब फैसला सुना दिया है।

Cricket Ball- India TV Hindi
Cricket Ball Image Source : GETTY IMAGES

कोरोना महामारी से बचने के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड (आईसीसी) ने सबके सामने एक विचार प्रकट किया था। जिसमें कहा गया था कि जब भी कोरोना के बाद क्रिकेट की वापसी होगी टीम के खिलाड़ी गेंद को चमकाने के लिए लार, थूक या पसीने का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। जिसके बाद अनिल कुंबले की अध्यक्षता आईसीसी की क्रिकेट समिति ने भी सलाइवा ( लार ) का उपयोग न करने की सिफारिश की जबकि पसीने के इस्तेमाल पर रोक ना लगाने की बात कही गई थी। इस पर आईसीसी ने अब फैसला सुना दिया है।

आईसीसी ने कहा,‘‘ खिलाड़ियों को गेंद को चमकाने के लिये लार के इस्तेमाल की अनुमति नहीं रहेगी । खिलाड़ी अगर ऐसा करता है तो अंपायर शुरू में कुछ समय रियायत देंगे लेकिन बार बार उल्लंघन पर टीम को चेतावनी दी जायेगी।’’ 

इतना ही नहीं आईसीसी क्रिकेट संचालन टीम स्थानीय मैच रैफरियों की मदद करेगी। एलीट पैनल का एक तटस्थ मैच रैफरी वीडियो लिंक से सुनवाई कर सकेगा। इसमें कहा गया ,‘‘टीम को दो चेतावनी मिलेगी लेकिन बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम पर पांच रन की पेनल्टी लगाई जायेगी। गेंद पर जब भी लार लगाई जायेगी तो अंपायरों को उसे साफ करने के निर्देश रहेंगे।’’

खेलने के नये नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने कोरोना महामारी के चलते ‘अंतरराष्ट्रीय यात्रा में लाजिस्टिक की चुनौतियों’ का हवाला देते हुए बाईलेटरल सीरीज में स्थानीय अंपायरों को भी मंजूरी दे दी। इसने एक बयान में कहा ,‘‘ टेस्ट मैच के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण पाये जाने पर स्थानापन्न खिलाड़ी को उतारने का विकल्प रहेगा । कनकशन विकल्प की तरह मैच रैफरी इसके विकल्प को मंजूरी देंगे।’’ 

इसमें यह भी कहा गया ,‘‘ यह नियम वनडे या टी20 में लागू नहीं होगा।’’ 

ऐसा करीब दो दशक बाद होगा कि घरेलू अंपायर मैच में रहेंगे। इसके मायने हैं कि भारत के सी शमसुद्दीन, अनिल चौधरी और नितिन मेनन इंग्लैंड के खिलाफ अगले साल घरेलू सीरीज में अंपायरिंग करेंगे जबकि जवागल श्रीनाथ मैच रैफरी होंगे। स्थानीय अंपायरों की अनुभवहीनता को देखते हुए दोनों टीमों को एक-एक अतिरिक्त डीआरएस मिलेगा। इसके अलावा खिलाड़ियों की जर्सी पर 32 इंच के अतिरिक्त लोगो की भी अनुमति दे दी गई है ताकि कोरोना संकट के कारण आर्थिक नुकसान उठा रहे बोर्ड कमाई कर सकें। 

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बता दें कि इससे पहले अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली समिति ने COVID-19 से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने के लिए बुलाई गई एक कॉन्फ्रेंस कॉल का समापन किया था जिसमें मैच में गेंद को चमकाने के लिए लार पर बैन और न्यूट्रल अंपायरों और रेफरी की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नियुक्ति शामिल थी। जिस पर आईसीसी ने अब इनकी सिफारिशों पर मुहार लगाते हुए गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर प्रतिबन्ध लगा दिया है।

( With Bhasa Input )

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