राजकोट: अश्विन और साहा की 64 रन की बहुमूल्य साझेदारी की बदौलत भारत ने सिरीज़ के पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में लंच के बाद 488 का स्कोर बना लिया। इंग्लैंड को 49 रन की बढ़त मिली हुई है।
इंग्लैंड के मजबूत स्कोर का ठोस जवाब देते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत के लिए सलामी बल्लेबाज मुरली विजय (126) और चेतेश्वर पुजारा (124) ने शतकीय पारियां खेलीं और दूसरे विकेट के लिए 209 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूती प्रदान की। इन दोनों के अलावा निचले क्रम में रविचंद्रन अश्विन ने बल्ले से एक बार फिर टीम के लिए उपयोगी योगदान देते हुए 70 रनों की अहम पारी खेली।
139 गेंदों में सात चौकों की मदद से अर्धशतकीय पारी खेलने वाले अश्विन के रूप में भारत का आखिरी विकेट गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा कर दी गई।
भारत ने तीसरे दिन चार विकेट के नुकसान पर 319 रन बनाए थे। चौथे दिन भारत को कप्तान विराट कोहली (40) से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन वह दुर्भाग्यवश हिट विकेट हो गए। वह हिट विकेट होने वाले दूसरे भारतीय कप्तान हैं। उनसे पहले लाला अमरनाथ हिट विकेट हुए थे।
कोहली से पहले उपकप्तान अजिंक्य रहाणे (13) भी पवेलियन लौट गए थे। चौथे दिन के पहले सत्र में भारत ने इन दोनों के अहम विकेट गंवाए। लेकिन अश्विन और रिद्धिमान साहा (35) की जोड़ी ने मेजबानों का संघर्ष जारी रखा। दोनों ने सातवें विकेट के लिए 64 रन जोड़े। इस साझेदारी को मोइन अली ने तोड़ा। साहा जब आउट हुए तब टीम का स्कोर 425 रन था।
रवींद्र जडेजा (12) कुछ खास नहीं कर पाए और आदिल राशिद का शिकार हुए। उमेश यादव (5) ने अश्विन का साथ देने की कोशिश की लेकिन राशिद ने उन्हें बेन स्टोक्स के हाथों कैच करा पवेलियन भेजा। मोहम्मद समी अश्विन के साथ अंत तक लड़ते रहे और आठ रनों पर नाबाद लौटे।
मेहमानों की तरफ से राशिद ने चार विकेट लिए। अली और जाफर अंसारी ने दो-दो विकेट लिए। स्टोक्स और स्टुअर्ट ब्रॉड को एक-एक सफलता मिली।
इंग्लैंड ने जोए रूट (124), मोइन अली (117) और बेन स्टोक्स (128) की शतकों की मदद से पहली पारी में 537 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया है।