भारतीय क्रिकेट टीम जल्द ही एक्शन में नजर आएगी। भारत और बांग्लादेश के बीच 19 सितंबर से 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज होने जा रहा है। टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला चेन्नई में खेला जाएगा जहां टीम इंडिया की स्पिन की जिम्मेदारी रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा के कंधों पर होगी। पहले टेस्ट मैच में दोनों ही स्पिनरों को मौका मिलना तय माना जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो भारतीय टेस्ट क्रिकेट में एक इतिहास बन सकता है।
दरअसल, टेस्ट क्रिकेट में रवींद्र जडेजा गेंद और बल्ले दोनों से कमाल करने में माहिर हैं। जडेजा ने भारत के लिए अब तक 72 टेस्ट मैच खेले हैं। इसमें उनके बल्ले से 3036 रन आए हैं जबकि गेंद से उन्होंने 294 चटकाए हैं। अगर वह पहले ही टेस्ट में 6 विकेट लेने का कारनामा करते हैं तो टेस्ट क्रिकेट में 3000 रन और 300 विकेट लेने वाले भारत के तीसरे ऑलराउंडर बन जाएंगे। इससे पहले ये कारनामा कपिल देव और आर अश्विन ने किया था।
यही नहीं, रवींद्र जडेजा अगर 6 विकेट लेने के साथ ही बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में 8 कैच लपकने का कारनामा करते हैं तो वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 1000 से ज्यादा रन, 50 से ज्यादा विकेट और 50 कैच लेने वाले तीसरे भारतीय ऑलराउंडर बन जाएंगे। टेस्ट क्रिकेट में भारतीय क्रिकेटरों में अब तक सिर्फ कपिल देव और अनिल कुंबले के नाम ये उपलब्धि दर्ज है। कपिल देव ने टेस्ट क्रिकेट में 500 से ज्यादा रन और 434 विकेट लेने के अलावा 64 कैच लपके हैं। वहीं, अनिल कुंबले ने टेस्ट में 2506 रन और 619 विकेट झटके थे। वहीं, 60 कैच टेस्ट में लपकने का बड़ा कारनामा किया था।
गौरतलब है कि 35 साल के रवींद्र जडेजा T20I क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। T20I वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के बाद उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली के साथ ही 20 ओवर के इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। अब उनका पूरा फोकस टेस्ट और वनडे क्रिकेट पर है।
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