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WTC Final : द ओवल की पिच पर होगी टीम इंडिया की कड़ी परीक्षा, टॉस के बाद क्‍या करना फायदेमंद

 Published : Jun 05, 2023 05:01 pm IST,  Updated : Jun 05, 2023 05:01 pm IST

WTC Final : भाारत बनाम ऑस्‍ट्रेलिया डब्‍ल्‍यूटीसी फाइनल द ओवल के मैदान पर खेला जाएगा। अब पिच बनकर करीब करीब तैयार है और उसकी तस्‍वीरें भी सामने आने लगी हैं।

WTC Final 2023 The Oval - India TV Hindi
WTC Final 2023 The Oval Image Source : GETTY

WTC Final 2023 The Oval Pitch  : विश्‍व टेस्‍ट चैंपियनशिप के फाइनल से पहले द ओवल की पिच लगातार चर्चा में है। दो दिन बाद यहीं पर भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच डब्‍ल्‍यूटीसी का फाइनल खेला जाएगा। चूंकि मुकाबला इंग्‍लैंड में है, इसलिए ऑस्‍ट्रेलिया और टीम इंडिया को यहां पर होम कंडीशन का ज्‍यादा फायदा नहीं मिलेगा। भारत और ऑस्‍ट्रेलिया पहली बार किसी न्‍यूट्रल वेन्‍यू पर टेस्‍ट खेलते हुए नजर आएंगे। लेकिन अब यहां की पिच कैसी होगी, ये सवाल बड़ा बन गया है। भारत और ऑस्‍ट्रेलिया ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की नजरें इस पर हैं, क्‍योंकि मुकाबला भी बड़ा है। अब द ओवल की पिच की कुछ तस्‍वीरें भी सामने आई हैं, जो सोशल मीडिया पर जबरदस्‍त तरीके से वायरल हो रही हैं। मैदान और पिच की तस्‍वीरें देखकर पता चलता है कि ये काफी हरी भरी होगी और शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है। 

द ओवल की पिच कर सकती है बल्‍लेबाजों की मदद, रन भी खूब बनने की संभावना  

अभी तक जो रिपोर्ट सामने आई है, उससे पता चलता है कि द ओवल की पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार हो सकती है। वैसे तो इससे ऑस्‍ट्रेलिया को फायदा मिलना चाहिए, लेकिन अब टीम इंडिया की तेज गेंदबाजी भी ऐसी है, जो पिच से मदद मिलने पर कहर बरपा सकती है। मोहम्‍मद शमी, मोहम्‍मद सिराज, उमेश यादव और शार्दुल ठाकुर को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए। पता चला है कि द ओवल की पिच बल्‍लेबाजों को भी रन बनाने में मदद कर सकती है। यानी गेंद ठीक से बल्‍ले पर आएगी और अगर बल्‍लेबाज में काबिलियत है तो फिर रन भी बनेंगे। 

इंग्‍लैंड के द ओवल में टॉस जीतकर पहले बल्‍लेबाजी करना होगा फायदे का सौदा 
द ओवल के मैदान में पर पहली पारी का औसत स्‍कोर 343 रन हैं, जो दूसरी पारी में घटकर 304 तक जाता है, वहीं तीसरी पारी का औसत स्‍कोर 238 रन है, वहीं चौथी पारी में ये 156 पर ही रह जाता है। यानी यहां पर रोहित शर्मा और पैट कमिंस में से जो भी कप्‍तान टॉस जीतेगा वो पहले बल्‍लेबाजी का फैसला कर सकता है। वहीं तीसरी पारी से पिच स्पिनर्स के लिए भी मददगार हो सकती है। जहां टीम इंडिया के बल्‍लेबाज तो अच्‍छी बल्‍लेबाजी कर जाएंगे, लेकिन ऑस्‍ट्रेलिया अगर  चौथी पारी में बल्‍लेबाजी करेगी तो मामला फंस भी सकता है। साथ ही फाइनल है तो कोई भी टीम चाहेगी कि पहले बल्‍लेबाजी कर खूब रन बनाए जाएं, ताकि दूसरी टीम पर रनों के आधार पर दबाव बनाया जा सके। 

टीम इंडिया और ऑस्‍ट्रेलिया के बहुत अच्‍छे नहीं हैं द ओवल के आंकड़े 
टीम इंडिया के अगर द ओवल पर खेले गए मैचों की बात की जाए तो वो बहुत ज्‍यादा अच्‍छे नहीं हैं। टीम इंडिया यहां अभी तक केवल दो ही टेस्‍ट मैच जीत पाई है। भारत ने यहां पर पहला टेस्‍ट 1936 में खेला था, यानी आजादी से पहले। टीम इंडिया ने यहां पहला टेस्‍ट मुकाबला 1971 में जीता था। पहला टेस्‍ट यहां जीतने के लिए भारतीय टीम को करीब 35 साल लग गए। अब तक टीम इंडिया ने यहां जो 14 टेस्‍ट खेले हैं, उसमें से दो जीत, पांच हार और सात बराबरी पर खत्‍म हुए हैं। इसके बाद टीम इंडिया ने यहां पर साल 2021 में दूसरा टेस्‍ट जीता था, तब विराट कोहली टीम इंडिया की कप्‍तानी कर रहे थे। पहली जीत हो या फिर दूसरी, हर बार लंबा इंतजार करना पड़ा है। साथ ही ऑस्‍ट्रेलिया का टेस्‍ट रिकॉर्ड भी यहां कुछ खास नहीं है। टीम ने यहां पर जो 38 मैच खेले हैं, उसमें से सात में जीत मिली है, वहीं 17 मैच हारे हैं, 14 मैच बराबरी पर खत्‍म हुए हैं। यानी पलड़ा करीब करीब बराबरी पर है और जो टीम पांचों दिन अच्‍छे खेल का प्रदर्शन करेगी, उसके लिए जीत कुछ आसान जरूर हो जाएगी। 

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