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'मेरे पास जीने के लिए सिर्फ 3-6 महीने बचे थे'; युवराज सिंह ने कैंसर से जूझने पर बताया डॉक्टर ने दिया था क्या जवाब

 Written By: Abhishek Pandey
 Published : Apr 09, 2026 05:20 pm IST,  Updated : Apr 09, 2026 05:20 pm IST

भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में शुमार किए जाने वाले युवराज सिंह ने अब इस बात का खुलासा किया है कि जब डॉक्टर ने उनको कैंसर के बारे में बताया था तो कहा था कि उनके पास जीने के लिए सिर्फ 3 से 6 महीने का ही समय बचा है।

Yuvraj Singh- India TV Hindi
युवराज सिंह Image Source : AFP

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और साल 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 के वनडे वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा रहने वाले युवराज सिंह ने अब कैंसर से जूझने के दौरान अपने दर्द को बयां किया है। युवराज सिंह की गिनती वर्ल्ड क्रिकेट के सबसे मैच विनर्स खिलाड़ियों में की जाती है। युवराज सिंह ने साल 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब अपने नाम किया था, जिसमें उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से अहम भूमिका अदा की थी। वहीं टूर्नामेंट खत्म होने के बाद फैंस को इस बात की जानकारी मिली थी कि युवराज कैंसर से जूझ रहे हैं। अब उन्होंने एक पॉडकास्ट में खुलासा किया है कि एक समय डॉक्टरों ने उन्हें कहा था कि उनके पास जीने के लिए सिर्फ 3 से 6 महीनों का ही समय बचा है।

अगर आप ऐसे ही क्रिकेट खेलते रहे तो आपको हार्ट अटैक भी आ सकता है

युवराज सिंह ने इंग्लैंड टीम के पूर्व खिलाड़ी माइकल वॉन के साथ द ओवरलैप क्रिकेट पॉडकास्ट पर बात करते हुए कैंसर से लड़ने के दौरान अपनी जंग को लेकर बताया कि इसे कबूल करना काफी मुश्किल होता है कि जब आप अपने करियर के पीक पर होते हैं और फिर अचानक नीचे गिर जाते हैं तो कैसा महसूस होता है। मैं दिल्ली में था और हमें वेस्टइंडीज और इंग्लैंड दौरे पर जाना था। सौरव गांगुली टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो चुके थे और उनकी जगह खाली हुई थी, मैं इस मौके का पिछले काफी लंबे समय से इंतजार कर रहा था और मैंने कहा कि मुझे फर्क नहीं पड़ता अगर मैं मर भी जाऊं मुझे वह जगह चाहिए। हालांकि उसके बाद से मेरी तबियत लगातार और भी ज्यादा खराब होती चली गई।

अपने बयान में युवराज सिंह ने आगे कहा कि डॉक्टर ने मुझे बताया कि ट्यूमर आपके हार्ट और फेफड़े के बीच में है। अगर आप इसी तरह से क्रिकेट खेलते रहे तो आपको कभी भी हार्ट अटैक आ सकता है। आपने यदि जल्द से जल्द कीमोथेरेपी कराने का फैसला नहीं लिया तो आपके पास जीने के लिए सिर्फ 3 से 6 महीने का ही समय बचा है। उस दौरान मुझे इस बात का एहसास हुआ कि इसे मुझे गंभीरता से सोचना होगा।

अगर मैं क्रिकेट नहीं खेलूंगा तो मैं कौन हूं

डॉक्टर के समझाने के बाद युवराज सिंह ने कैंसर का इलाज कराने के लिए अमेरिका जाने का फैसला लिया और इसको लेकर उन्होंने बताया कि वहां पर मेरा इलाज डॉ. आइन्हॉर्न ने किया जिन्होंने लांस आर्मस्ट्रॉन्ग का भी इलाज किया था। कैंसर से जूझने के दौरान मुझे लगातार इस बात का डर था कि शायद मैं फिर से क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगा। मेरे लिए खुद को मोटिवेट रखना काफी मुश्किल काम था। उस दौरान मैंने सोचा कि अगर मैं क्रिकेट नहीं खेलता हूं तो फिर मैं हूं कौन। कैंसर से पूरी तरह ठीक होने के बाद मैं छह महीने में पूरी तरह से फिट होकर टीम इंडिया में वापसी करने में कामयाब रहा था और साल 2014 का टी20 वर्ल्ड कप भी खेला था।

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