पाकिस्तान में इस समय ट्राई सीरीज खेली जा रही है, जिसमें पाकिस्तान, श्रीलंका और जिम्बाब्वे की टीमें हिस्सा ले रही हैं। अब इसी में जिम्बाब्वे की टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2009 का खिताब जीत चुकी श्रीलंका को पटखनी दी है। जिम्बाब्वे ने पहले बैटिंग करते हुए 162 रन बनाए। इसके बाद श्रीलंकाई टीम सिर्फ 95 रनों पर सिमट गई और वह मुकाबला 67 रनों के बड़े अंतर से हार गई।
सिकंदर रजा ने की दमदार बल्लेबाजी
जिम्बाब्वे की टीम के लिए ब्रायन ब्रेनेट ने सबसे ज्यादा 49 रनों की पारी खेली। उनके अलावा कप्तान सिकंदर रजा ने 32 गेंदों में कुल 47 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और दो छक्के शामिल रहे। रेयान बर्ल के बल्ले से 18 रन निकले। इन प्लेयर्स की वजह से ही जिम्बाब्वे की टीम 162 रनों का सम्मानजनक स्कोर बना सकी। श्रीलंकाई टीम की तरफ से वानिंदु हसरंगा ने चार ओवर में 27 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। उनके अलावा ईशान मलिंगा ने चार ओवर में 27 रन देकर 2 विकेट झटके। महेश तीक्ष्णा और दुष्मंथा चमीरा ने एक-एक विकेट हासिल किया। लेकिन ये प्लेयर्स जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं डाल पाए।
श्रीलंकाई टीम के बल्लेबाज रहे फ्लॉप
इसके बाद श्रीलंकाई टीम के लिए कोई भी बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया। इसी वजह से टीम को हार का मुंह देखना पड़ा। श्रीलंका की तरफ से दासुन शनाका और भानुका राजपक्षे ही दोहरे अंक में पहुंच पाए। बाकी के प्लेयर्स रन बनाना तो दूर, दोहरे अंक में ही नहीं पहुंच पाए। शनाका ने 25 गेंदों में 34 रन बनाए, जिसमें दो चौके और दो छक्के शामिल रहे। राजपक्षे ने 18 गेंदों में 11 रन बनाए, जिसमें एक चौका शामिल रहा। बल्लेबाजों के खराब खेल की वजह से ही पूरी टीम 20 ओवर्स में 95 रनों पर सिमट गई।
जिम्बाब्वे के लिए ब्रैड इवांस ने चार ओवर में 9 रन देकर तीन विकेट झटके। रिचर्ड नगरवा ने दो विकेट हासिल किए। सिकंदर रजा के खाते में एक विकेट गया। मैच में अच्छी गेंदबाजी और बल्लेबाजी करने के लिए रजा को प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया।
यह भी पढ़ें:
8 मार्की प्लेयर्स की लिस्ट आई सामने, दीप्ति शर्मा सहित इतनी भारतीय खिलाड़ी शामिल
इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली बार हुआ ऐसा करिश्मा, 32 साल के विकेटकीपर ने रचा नया इतिहास