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सतनाम ने रचा इतिहास, एनबीए में जगह पाने वाले पहले भारतीय

 Written By: IANS
 Published : Jun 26, 2015 03:38 pm IST,  Updated : Jun 27, 2015 07:47 am IST

न्यूयार्क: पंजाब निवासी सात फुट दो इंच लम्बे कद के सतनाम सिंह भामरा अमेरिका में प्रतिष्ठित नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (एनबीए) में प्रवेश पाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। सतनाम को शुक्रवार को एनबीए ड्राफ्ट

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सतनाम बने एनबीए में जगह पाने वाले पहले भारतीय

न्यूयार्क: पंजाब निवासी सात फुट दो इंच लम्बे कद के सतनाम सिंह भामरा अमेरिका में प्रतिष्ठित नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (एनबीए) में प्रवेश पाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। सतनाम को शुक्रवार को एनबीए ड्राफ्ट में शामिल किया गया। 131 किलोग्राम वजनी सतनाम को डालास मावेरिक्स टीम ने अपने साथ जोड़ा है।

इससे पहले सतनाम को बोस्टन सेल्टिक्स और साक्रामेंटो किंग्स जैसी टीमों ने अभ्यास के लिए चुना था।

19 साल के सतनाम पंजाब से सम्बंध रखते हैं। वह 2014-15 में आईएमजी अकादमी ग्रेजुएट टीम के लिए खेल चुके हैं।

सतनाम एनबीए में शामिल होने वाले पहले भारतीय (भारत में जन्मे) हैं। बीते साल अमेरिका में जन्मे भारतीय खिलाड़ी सैम भुल्लर ने एनबीए में जगह बनाई थी।

शुरुआत में सतनाम के लिए 17 बार एनबीए खिताब जीत चुके बोस्टन सेल्टिक्स ने रुचि दिखाई थी लेकिन अंत में मावेरिक्स ने उन्हें अपने साथ जोड़ा।

सतनाम ड्रॉफ्ट में जगह पाने वाले 52वें खिलाड़ी रहे। इस साल 60 खिलाड़ियों को ड्रॉफ्ट में जगह मिली।

मावेरिक्स टीम ने 1980-81 सत्र में पहली बार एनबीए में हिस्सा लिया था। इसके बाद से वह 1987, 2007 और 2010 में डिवीजन खिताब, 2006 और 2011 में कांफ्रेंस खिताब और 2011 में एक बार एनबीए खिताब जीत चुका है।

सतनाम ने 2011 में 16 साल की उम्र में चीन में आयोजित 26वीं एशियाई चैम्पियनशिप में भारत की ओर से हिस्सा लिया था। इसके बाद वह 2013 में भी इस आयोजन में खेले।

बीते पांच साल से सतनाम कई देशों के युवाओं के साथ फ्लोरिडा में अभ्यास कर रहे थे। सतनाम को आईएमजी रिलायंस अकादमी की ओर से अभ्यास के लिए भेजा गया था।

सतनाम ने सितम्बर 2010 में अमेरिका का रुख किया था। आईएमजी के लिए खेलते हुए सतनाम ने 2014-15 सत्र में 9.2 का औसत निकाला और 8.4 रीबाउंड हासिल किया। यही नहीं, सतनाम ने प्रति मैच 20 मिनट में 2.2 ब्लॉक्स भी हासिल किए।

अपने गांव और परिवार में 'छोटू' नाम से मशहूर विशालकाय कद के सतनाम की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 2005 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी खिलाड़ी को बिना कॉलेज, ओवरसीज, पेशेवर तौर पर या फिर एनबीए डेवलपमेंट लीग में खेले बगैर ही ड्रॉफ्ट में जगह मिल गई।

सतनाम ने एक दिन पहले कहा था कि वह अपने खेल को लेकर काफी मेहनत करते हैं लेकिन इसके बावजूद वह ड्राफ्ट में शामिल होने को लेकर आश्वस्त नहीं हैं।

सतनाम ने इस बात को लेकर खुशी जाहिर की थी कि भारत में इस खेल को लेकर जागरुकता और लोकप्रियता बढ़ रही है और अब इस खेल को पेशेवर लिहाज से लिया जाता है।

 

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