
कैसे हुआ हादसा...?
दूसरे विश्व युद्ध के बाद से ली मैंस रेस का शुमार बड़ी रेस में होता था। ली मैंस 55 में दुनियां की बेहतरीन कारें और ड्राइवर हिस्सा ले रहे थे। इनमें माइक हॉथर्न, जो बाद में ब्रिटिश फ़ार्मूला 1 के चैम्पियन बने, और फ़ार्मूला1 चैम्पियन फ़ैंगियो जैसे मंझे ड्राइवर भाग ले रहे थे। इसके अलावा फ़्रांस के ड्राइवर पियरे लेवेघ भी थे जो हादसे के शिकार हो गए थे।

दुर्घटना रेस शुरु होने के कुछ घंटे बाद ही हो गई। इसकी शुरुआत हुई जब माइक हॉथर्न अपनी जेग्वार में अचानक ट्रैक से हटकर पिट की तरफ जाने लगे। अचानक मुड़ने की वजह से उनसे पिट का वह स्थान चूक गया जहां कार खड़ी की जाती है। उनसे एक ओर चक्कर लगाने को कहा गया और जब वह चक्कर लगाकर पिट पहुंचे तब तक हादसा हो चुका था और उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे।
माइक हॉथर्न के पीछे ऑस्टिन हिली थी जो एक लैप पीछे चल रही थी। हिली के पीछे थे मर्सिडीज़ में लेवेघ और फ़ैंगिओ।

हॉथर्न जैसे ही अचानक पिट की तरफ मुड़े ऑस्टिन हिली को रास्ता छोड़ना पड़ा। ऑस्टिन हिली सड़क के दूसरे तरफ जाने लगी और तभी लेवेघ ने पीछे आ रहे फ़ैंगिओ को कार धीमी करने का इशारा किया लेकिन उनकी कार 125 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से चल रही थी।
लेवेघ ने ऑस्टिन हिली को पीछे से टक्कर मारी जिससे ऑस्टिन हिली घूमकर कर दीवार से टकरा गई जिसमें एक दर्शक की मौत हो गई हालंकि ड्राइवर को कुछ नही हुआ। इस बीच दीवार से टकराने के बाद ऑस्टिन हिली का पिछला हिस्सा फिसलपट्टी की तरह हो गया था जिस पर लेवेघ की मर्सिडीज़ चढ़कर हवा में उछल गई और लेवेघ की मौत हो गई।
ये दुर्घटना उस जगह हुई थी जहां दर्शक खचाखच भरे हुए थे। वहीं सुरक्षा के नाप पर सिर्फ़ घास के कुछ ढेर रखे थे।
हादसे के बाद मर्सिडीज़ के उड़ते परख़चों की चपेट में दर्शक आ गए। कुछ के तो सिर कच गए जबकि कुछ बुरी तरह घायल हो गए। इस बीच कार में पैट्रोल टैंक में विस्फ़ोट भी हो गया।
मर्सिडीज़ का कुछ हिस्सा मेग्निसियम मिश्रधातु का बना था इसलिए जब एक मार्शल ने आग बुझाने की कोशिश की तो उसकी लपटों में और लोग आ गए।