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OTT प्लेटफॉर्म्स पर सरकार ने फिर दिखाई सख्ती, जारी की नई गाइडलाइंस

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Feb 20, 2025 05:21 pm IST,  Updated : Feb 20, 2025 05:21 pm IST

OTT प्लेटफॉर्म्स के लिए केन्द्र सरकार ने एक बार फिर से नई गाइडलाइंस जारी की है, जिसमें उन्हें IT Act 2021 का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है।

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ओटीटी ऐप्स Image Source : FILE

OTT प्लेटफॉर्म्स पर एक बार फिर से केन्द्र सरकार ने सख्ती दिखाई है। सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म्स के लिए एक और नई गाइडलाइंस जारी की है। मिनिस्टर ऑफ इंफॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग ने अपनी गाइडलाइंस में OTT प्लेटफॉर्म्स को IT एक्ट 2021 को सख्ती से पालन करने के लिए कहा है। केन्द्र सरकार ने पिछले दिनों 'इंडिया गॉट लेटेंट' शो के जरिए अश्लील चुटकुलों को लेकर उपजे विवाद के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस तरह के कंटेंट प्रसारित करने से परहेज करने के लिए कहा है।

IT एक्ट 2021 का हो पालन

MIB ने अपनी गाइडलाइंस में प्रसारित किए जाने वाले कंटेंट के आयु-आधारित वर्गीकरण का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा है। मंत्रालय ने OTT प्लेटफॉर्म के सेल्फ रेगुलेटरी संस्थाओं को आचार संहिता के उल्लंघन पर सक्रियता से उपयुक्त कार्रवाई करने को भी कहा। मंत्रालय ने कहा कि उसे कुछ OTT और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स द्वारा अश्लील कंटेंट का कथित तौर पर प्रसार किये जाने के बारे में सांसदों और वैधानिक संगठनों से शिकायतें मिली हैं। साथ ही, जन शिकायतें भी मिली हैं। 

MIB ने गाइडलाइंस में कहा, ‘इन बातों के मद्देनजर यह सलाह दी जाती है कि OTT प्लेटफॉर्म कंटेंट प्रसारित करते समय, कानूनों के विभिन्न प्रावधानों और आईटी नियम, 2021 के तहत निर्धारित आचार संहिता का पालन करें, जिसमें आचार संहिता के तहत निर्धारित सामग्री के आयु-आधारित वर्गीकरण का कड़ाई से पालन करना भी शामिल है।’

अश्लील कंटेंट प्रसारित करने से बचें

इसमें कहा गया है कि आचार संहिता में अन्य बातों के साथ-साथ OTT मंच से यह अपेक्षा की जाती है कि वे कानून द्वारा निषिद्ध किसी भी सामग्री को प्रसारित न करें। साथ ही, नियमों की अनुसूची में दिए गए सामान्य दिशानिर्देशों के आधार पर सामग्री का आयु-आधारित वर्गीकरण करें तथा उचित सावधानी एवं विवेक का प्रयोग भी करें। 

यह परामर्श सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट को रेगुलेट करने के सुझाव के मद्देनजर जारी किया गया है। बता दें पिछले दिनों शीर्ष अदालत ने यूट्यूब जैसे मंच पर कंटेंट शेयर करने के मामले में कानून में प्रावधान के अभाव को रेखांकित किया था।

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- पीटीआई इनपुट

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