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भारत सकार की Google और YouTube के साथ साझेदारी, 15000 क्रिएटर्स को दी जाएगी फ्री AI ट्रेनिंग

 Published : Mar 24, 2026 11:37 am IST,  Updated : Mar 24, 2026 11:37 am IST

भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने IICT के साथ मिलकर गूगल और YouTube के साथ साझेदारी की है जिससे वास्तविक दुनिया में लोगों को एआई के इस्तेमाल का साधारण और आसान तरीका समझाया जा सके।

AI Skilling Training- India TV Hindi
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ट्रेनिंग Image Source : FREEPIK

AI Skilling Program: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में बड़ा कदम लिए जा रहे हैं और भारत सरकार देश में एआई का उपयोग बढ़ाने के लिए बड़े टेक दिग्गजों के साथ साझेदारी कर रही है। भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के साथ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज ने गूगल और यूट्यूब के साथ साझेदारी की है और इसके तहत 15,000 क्रिएटर्स को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी। इस साझेदारी का मुख्य लक्ष्य है कि वास्तविक दुनिया में लोगों को एआई का इस्तेमाल कैसे करना है, इसको साधारण और आसान तरीके से समझाया जा सके।

सूचना प्रसारण मंत्रालय और IICT ने गूगल और YouTube के साथ साझेदारी की

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल बेहद तेजी से और अभूतपूर्व तरीके से आगे बढ़ रहा है और ये वीडियो, कंटेट और तस्वीरों के बनाने के तरीकों मे भी बड़ा बदलाव ला रहा है। भारत के कई शहरों में क्रिएटर्स के पास AI टूल्स हैं लेकिन कई जगह उन्हें ठीक से पता नहीं है कि इनका इस्तेमाल कैसे करना है। इसी वजह से इस साझेदारी और प्रोग्राम के जरिए क्रिएटर्स को सिर्फ बेसिक लर्निंग नहीं मिलेगी बल्कि स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग भी मिल पाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि एआई का यूज करके एनिमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेट के जैसे कई अलग-अलग क्षेत्रों में क्रिएटर्स को आसानी हो। क्रिएटर्स को एआई की सटीक ट्रेनिंग मिलने से वो ऊंची क्वालिटी का काम कर पाएंगे। इसके साथ ही एआई के जरिए वो और ज्यादा लोगों से जुड़ पाएंगे और उनका कार्यक्षेत्र विस्तृत होगा।

दो फेज में होगी ट्रेनिंग

यह पहल दो फेज में चलेगी जिसमें पहला चरण बेसिक एआई ज्ञान पर बेस्ड होगा, जिसमें सभी चुने हुए पार्टिसिपेंट्स को लर्निंग कोर्स उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्हें सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे। यह प्राइमरी चरण है जहां क्रिएटर्स यह समझेंगे कि एआई कैसे काम करता है और इसका इस्तेमाल कंटेट क्रिएशन में कैसे किया जा सकता है।

दूसरा चरण ज्यादा प्रैक्टिकल होगा और इसलिए इसमें ट्रेनिंग, रियल प्रोजेक्ट्स और प्लेटफॉर्म बेस्ड ट्रेनिंग जैसे कई प्रोसेस शामिल होंगे। इस फेज के तहत, क्रिएटर्स कहानी कहने की कला सीखेंगे और एडवांस एआई टूल्स का यूज करना सीखेंगे। इसके अलावा, वे यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर आगे बढ़ना यानी ग्रो करना भी सीखेंगे। ट्रेनिंग देश के मुख्य क्रिएटिव शहरों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों फॉर्मेट में दिलाई जाएगी।

भारत में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को मिलेगा बूस्ट

भारत में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स की बड़ी संख्या है लेकिन उनकी क्वालिटी और आमदनी एक जैसी नहीं है, लिहाजा एआई की ट्रेनिंग मिलने के बाद वो अपने काम को बेहतर कर पाएंगे और ग्लोबल कॉम्पीटीशन में उतर पाएंगे। भारत की डिजिटल इकोनॉमी को बूस्ट करने में ये AI स्किलिंग प्रोग्राम बड़े काम का साबित होने वाला है।

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