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सैटेलाइट नेटवर्क पर सरकार का बड़ा फैसला, नहीं मानी Jio, Airtel की बात? एलन मस्क की हुई मौज

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Nov 28, 2024 09:16 am IST,  Updated : Nov 28, 2024 10:29 am IST

भारत में सैटेलाइट नेटवर्क को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केन्द्रीय संचार राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने साफ किया है कि सरकार नए टेलीकॉम एक्ट के तहत नागरिकों के हित में फैसला लेगी।

Satellite Network- India TV Hindi
Satellite Network Image Source : FILE

सैटेलाइट सर्विस को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला ले लिया है। भारतीय यूजर्स इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लोकसभा में सरकार ने सैटेलाइट नेटवर्क को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है, जिसकी वजह से Jio, Airtel को मायूसी हुई है। वहीं, एलन मस्क की कंपनी Starlink के भारत आने का रास्ता साफ हो गया है। शीतकालीन सत्र के दौरान केन्द्रीय संचार राज्यमंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने सैटेलाइट सर्विस को लेकर सरकार का रूख साफ कर दिया है। जियो और एयरटेल ने पिछले दिनों सैटेलाइट नेटवर्क आवंटन को लेकर सरकार के सामने अपनी मांग रखी थी।

नए टेलीकॉम एक्ट के तहत फैसला

केन्द्रीय संचार राज्यमंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने लोकसभा में बताया कि हम नए टेलीकॉम एक्ट के तहत देश के नागरिकों के हित में ही फैसले लेंगे। सैटेलाइट सर्विस को प्रशासनिक तरीके से ही आवंटित किया जाएगा। इसके लिए आर्थिक और टेक्निकल चीजों को ध्यान में रखते हुए आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जियो और एटरटेल ने सरकार से स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए टेरेस्टियल यानी मोबाइल नेटवर्क की तरह ही नीलामी प्रक्रिया फॉलो करने की मांग रखी थी। हालांकि, सरकार ने इसके लिए दूरसंचार विभाग और नियामक (TRAI) से सुझाव मांगा है।

TRAI को भेजी सिफारिशें

स्पेक्ट्रम अलोकेशन को लेटर दूरसंचार विभाग की तरह से टेलीकॉम रेगुलेटर (TRAI) को रेफ्रेंस भेजा गया है, जिसमें स्पेक्ट्रम की कीमत, लाइसेंस से संबंधित तकनीकी चीजों आदि के बारे में सलाह मांगी गई है। इससे बाद ये सिफारिशें सैटेलाइट सर्विस प्रोवाइडर्स को भेजी जाएगी। केन्द्रीय संचार राज्यमंत्री ने कहा, 'TRAI को अभी DoT को अपनी सिफारिशें भेजनी हैं।' इसके बाद सैटेलाइट स्पेक्ट्रम अलोकेशन को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा। जियो और एयरटेल नीलामी प्रक्रिया चाहती हैं, जबकि एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक एडमिनिस्ट्रेटिव यानी प्रशासनिक प्रक्रिया के जरिए स्पेक्ट्रम अलोकेशन चाहती है।

इनके बीच कांटे की टक्कर

Satellite स्पेक्ट्रम अलोकेशन को लेकर सर्विस प्रोवाइडर्स Jio, Airtel, Starlink, Amazon Kuiper की नजर है। ये कंपनियां भारत में सैटेलाइट सर्विस प्रदान करने के लिए अपनी तरफ से तैयारी कर चुकी हैं। जियो और एयरटेल टैरेस्टियल मोबाइल नेटवर्क की तरह ही सैटेलाइट सर्विस में दो-दो हाथ करते हुए दिखेंगे। वहीं, एलन मस्क की कंपनी Starlink और अमेजन Kuiper भी इस बार मैदान में रहेंगे। ऐसे में इन चारों सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच सीधी टक्कर देखने को मिलेगी।

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