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एलन मस्क को पसंद नहीं आई गूगल और एप्पल की दोस्ती, कह दी ये बड़ी बात

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Jan 13, 2026 03:54 pm IST,  Updated : Jan 13, 2026 03:54 pm IST

एलन मस्क ने एप्पल और गूगल के बीच हुई नई साझेदारी को गलत बताया है। xAI के हेड ने इसे अनुचित शक्ति का केंद्रीकरण बताया है। गूगल के पास क्रोम और अन्य प्लेटफॉर्म के अलावा एप्पल का भी एक्सेस मिल जाएगा।

Elon Musk- India TV Hindi
एलन मस्क Image Source : UNSPLASH

एलन मस्क ने एप्पल और गूगल की साझेदारी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मस्क ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इस साझेदारी को अनुचित शक्ति का केंद्रीकरण बताया है। गूगल और एप्पल के बीच आईफोन में सिरी वॉइस असिस्टेंट को लेकर यह साझेदारी हुई है, जिसमें एप्पल के नई जेनरेशन के सिरी में गूगल असिस्टेंट एआई का इस्तेमाल किया जाएगा। एलन मस्क ने इस दोस्ती को अनुचित बताया है और कहा है कि इससे गूगल के और ज्यादा ताकत मिल जाएगा। उसके पास पहले से ही एंड्रॉइड और क्रोम है।

मस्क की तीखी प्रतिक्रिया

गूगल द्वारा X पर अपनी इस साझेदारी की घोषणा वाले पोस्ट पर मस्क ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मस्क ने जोर देकर कहा कि गूगल के पास पहले से ही कई प्लेटफॉर्म हैं। एप्पल का एआई भी सौंपना गलत होगा, क्योंकि इससे गूगल का एकाधिकार बढ़ जाएगा। बता दें कि एलन मस्क की कंपनी xAI भी एआई के क्षेत्र में काम कर रहा है। कंपनी ने एजेंटिक एआई Grok कुछ साल पहले लॉन्च किया है।

यही नहीं, एलन मस्क की कंपनी xAI और आईफोन बनाने वाली कंपनी Apple के बीच पहले से ही विवाद चल रहा है। मस्क की कंपनी ने एप्पल और OpenAI पर मकुदमा ठोक दिया है, जिसमें एप्पल ऐप स्टोर की पॉलिसी को ग्रोक के लिए हानिकारक बताया गया है। वहीं, एलन मस्क के एजेंटिक एआई पर भी ग्लोबली विवाद चल रहा है। ग्रोक को इंडोनेशिया और मलेशिया में बैन कर दिया गया है।

Grok पर विवादों का साया

ग्रोक द्वारा आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट जेनरेशन को लेकर इंडोनेशिया और मलेशिया के अलावा भारत और यूरोपीय यूनियन ने भी आपत्ति जताई है। भारत सरकार की आईटी मिनिस्ट्री ने ग्रोक पर कार्रवाई की है, जिसके बाद मस्क के प्लेटफॉर्म ने ग्रोक से उन कंटेंट्स को हटा लिया है।

एप्पल और गूगल के बीच हुई इस साझेदारी का फायदा लाखों आईफोन यूजर्स को मिलने वाला है। आईफोन, आईपैड और एप्पल के अन्य डिवाइसेज में इस्तेमाल होने वाला वॉइस असिस्टेंट सिरी और बेहतर हो जाएगा। इसमें गूगल जेमिनी का सपोर्ट मिलेगा, जिसकी वजह से यूजर्स सिरी से कई काम कर पाएंगे। उन्हें एप्पल के ऐप्स में भी लाइव ट्रांसलेशन जैसे फीचर्स मिल पाएंगे। रिपोर्ट्स की मानें तो एप्पल इसके लिए गूगल को हर साल करीब 1 बिलियन डॉलर की राशि देगा।

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