What is Juice Jacking? क्या आपने कभी सोचा है कि आपके फोन के चार्जिंग पोर्ट के जरिए भी हैकिंग हो सकती है? इन दिनों हैकर्स एक नए तरह के फ्रॉड को अंजाम दे रहे हैं, जिसे जूस जैकिंग कहा जा रहा है। हैकर्स आपके फोन के चार्जिंग पोर्ट का इस्तेमाल करके मेलवेयर इंसर्ट कर देते हैं और फोन का डेटा चोरी कर लेते हैं। आप अपने फोन को कहीं चार्ज में जैसे ही लगाते हैं, हैकर्स आपके फोन में मेलवेयर यानी वायरस इंसर्ट कर देते हैं। जब तक आपका फोन पूरा चार्ज होगा, तब तक आपके फोन का डेटा पूरी तरह से हैकर्स के हाथ लग जाएगा।
जूस जैकिंग एक तरह के नए साइबर अटैक को कहा गया है, जिसमें स्मार्टफोन के यूएसबी चार्जिंग पोर्ट के जरिए मेलवेयर को इंसर्ट किया जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक ने भी इसे लेकर कई बार चेतावनी जारी की है। हैकर्स आपके फोन में मेलवेयर इंसर्ट करके फोन का डेटा हैक कर लेते हैं और आपका फोन लॉक हो जाता है। आपको पता भी नहीं चलता कि हैकर्स ने आपके फोन के साथ क्या किया है?
जूस जैकिंग के बढ़ते मामले को देखते हुए आपको अपने फोन के चार्जर और चार्जिंग केबल के बीच एक ब्लॉकर यूज करना होता है, जो मेलवेयर को फोन में इंसर्ट नहीं होने देता है। इस USB ब्लॉकर को आप अपने चार्जिंग केबल में अटैच कर सकते हैं, जिसकी वजह से फोन से कोई भी डेटा एक्सेस नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा आप अपने फोन में एंटी वायरस यूज कर सकते हैं, जो मेलवेयर को फोन में इंसर्ट होने से पहले आपको अलर्ट कर देता है।
1. फोन चार्ज में लगाने से कैसे होती है हैकिंग?
Ans. जैसे ही आप अपने फोन को किसी पब्लिक प्लेस या अनजान पोर्ट में चार्जिंग के लिए लगाते हैं तो जूस जैकिंग की संभावना रहती है।
2. क्या जूस जैकिंग से बचा जा सकता है?
Ans. जी हां, आप जूस जैकिंग जैसे नए हैकिंग तकनीक से बच सकते हैं। इसके लिए आपको पोर्ट ब्लॉकिंग डिवाइस या एंटी-वायरस यूज करना होगा।
3. जूस जैकिंग साइबर फ्रॉड होने पर कैसे करें रिपोर्ट?
Ans. अगर, आप किसी भी तरह के फ्रॉड के शिकार होते हैं तो नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं या फिर नजदीकी साइबर थाने में इसे रिपोर्ट कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें - 15999 रुपये में मिल रहा दो डिस्प्ले वाला फोन, अमेजन पर हजारों रुपये का खुला ऑफर
संपादक की पसंद