हैदराबाद: ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) ने एक नई वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना की घोषणा की है, जिसके तहत बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर ब्याज का 90% माफ किया जाएगा। लेकिन इसके साथ एक शर्त ये है कि बकाएदार वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंत तक मूल राशि का 10 प्रतिशत भुगतान एक बार में कर दे।
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केवल GHMC की सीमा तक लागू
जीएचएमसी को उम्मीद है कि इस एकमुश्त निपटान योजना से वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 300-500 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। यह वित्तीय वर्ष 31 मार्च, 2025 को समाप्त होगा। राज्य सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार यह एकमुश्त निपटान योजना केवल GHMC की सीमा तक ही लागू है। यह पूरे तेलंगाना के 140 से अधिक अन्य शहरी स्थानीय निकायों पर लागू नहीं होगी।
जिन्होंने टैक्स जमा करा दिया है उन्हें भी मिलेगा लाभ
जिन करदाताओं ने मार्च 2025 तक ब्याज और पेनाल्टी सहित अपना पूरा संपत्ति कर बकाया चुका दिया है, उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा। बकाया पर ब्याज या पेनाल्टी के रूप में उनके द्वारा भुगतान की गई राशि का 90% अगले भुगतानों में एडजस्ट कर लिया जाएगा।
टैक्स के दायरे में 19.50 लाख प्रॉपर्टी
जीएचएमसी की सीमा में करीब 19.50 लाख प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में आती हैं, जिनमें राज्य और केंद्र सरकार की संपत्तियां शामिल हैं। इनमें से करीब 12.70 लाख ने अब तक अपना प्रॉपर्टी टैक्स चुका दिया है, जबकि करीब 6.80 लाख संपत्ति मालिकों पर 10,000 करोड़ रुपये का बकाया है। इस राशि में से इसमें 3,000 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है जबकि 7,000 करोड़ रुपये बकाया टैक्स पर लगने वाला ब्याज है। चौंकाने वाली बात यह है कि करीब 1,800 सरकारी संपत्तियों पर जीएचएमसी का करीब 5,500 करोड़ रुपये बकाया है, जिसमें बकाया प्रॉपर्टी टैक्स और ब्याज शामिल है।
2,000 करोड़ रुपये का टैक्स संग्रह करने का लक्ष्य
जीएचएमसी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स संग्रह करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 7 मार्च, 2025 तक निगम ने करीब 1,550 करोड़ रुपये जमा कर लिए हैं। जीएचएमसी ने मार्च तक हर शनिवार को प्रॉपर्टी टैक्स परिचर्चा की घोषणा की है। परिचर्चा में प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य टैक्स संबंधी मामलों की शिकायतों का निवारण किया जाएगा। यह कार्यक्रम 8, 15, 22 और 29 मार्च को सभी जीएचएमसी सर्किल कार्यालयों में आयोजित किया जाएगा।