देश की राजधानी दिल्ली में कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिल्ली नगर निगम की आम बैठक में पारित प्रस्ताव से दिल्ली सरकार या दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (DSIIDC) द्वारा अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्रों में एमसीडी द्वारा जारी फैक्टरी लाइसेंस की आवश्यकता खत्म हो गई है।
लेटेस्ट प्रॉपर्टी टैक्स बिल औसतन 15.89 प्रतिशत ज्यादा आए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने 31 मार्च, 2025 को रेडी रेकनर दरों में संशोधन किया है, जिसका असर बिल में बढ़ोतरी के तौर पर देखा गया है।
जिन करदाताओं ने मार्च 2025 तक ब्याज और पेनाल्टी सहित अपना पूरा संपत्ति कर बकाया चुका दिया है, उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा। बकाया पर ब्याज या पेनाल्टी के रूप में उनके द्वारा भुगतान की गई राशि का 90% अगले भुगतानों में एडजस्ट कर लिया जाएगा।
निकाय ने कहा, “चेक बाउंस होने से उत्पन्न कानूनी मुद्दों के कारण इस माध्यम से संपत्ति कर का भुगतान जुलाई से बंद कर दिया जाएगा।”
Property Tax जमा करने के कई सारे फायदे हैं। इससे आप मुकदमेबाजी से बच जाते हैं और इसके साथ आपको पेनल्टी और ब्याज का भी भुगतान नहीं करना होता है।
डिपार्टमेंट ने तारांकित होटल प्रॉपर्टी के संचालकों को छूट का ऑफर किया था, ताकि राज्य में टूरिज्म को सपोर्ट मिले और रोजगार में भी इजाफा हो सके।
दिल्ली या उत्तर प्रदेश में अगर अपना घर है तो नए वित्तीय वर्ष में प्रॉपर्टी टैक्स जरूर भरें। दिल्ली या उत्तर प्रदेश में रहने वाले लोगों के लिए ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स पेमेंट की सुविधा मिलती है। अगर आप भी अपने आशियाने का प्रॉपर्टी टैक्स पेमेंट करना चाहते हैं तो इन स्टेप्स को फॉलो करें।
प्लॉट बेचने पर टैक्स देते समय मुनाफे से LTCG टैक्स कैसे कैलकुलेट करें इसके बारे में ITR फाइल करते समय लोग जानकारी लेते हैं। प्रॉपर्टी लेने से 1 साल पहले और दो साल बाद तक के निवेश पर कैपिटल गेंस टैक्स में आसानी से छूट ले सकते हैं। इससे पहले LTCG टैक्स क्या है और इसे कैसे कैलकुलेट करते हैं ये जरूर जानें।
जम्मू-कश्मीर में आवासीय संपत्तियों के लिए टैक्स की दरें टैक्सेबल एनुअल वैल्यू (TAV) का 5% और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए 6 फीसदी होंगी। इसमें नगर पालिका की जमीन, पूजा स्थलों, श्मशान-कब्रिस्तान, भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार के स्वामित्व वाली संपत्तियों को छूट दी गई है।
Property Tax: तय समय पर भुगतान नहीं करने पर मोटी पेनल्टी भी चुकानी पड़ती है। साफ है कि पेनल्टी से बचने के लिए सही समय पर प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करना जरूरी होता है।
अगर आप मुंबई में घर खरीदना चाहते हो तो साल के पहले दिन ही महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। मुंबई में 500 स्क्वॉयर फीट के घर के लिए प्रॉपर्टी टैक्स माफ रहेगा। मतलब अगर आप 500 स्क्वॉयर फीट का घर खरीदना चाहते हैं तो आपको प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लगेगा।
जिन घरों का कारपेट एरिया 500-700 वर्ग फुट के बीच में है उनको भी प्रॉपर्टी टैक्स में 60 फीसदी की छूट दिए जाने का प्रस्ताव है
इस समय कर राजस्व की समस्या यूएलबी के अपर्याप्त कर लगाने के अधिकारों के कारण नहीं है। इनमें एक संभावनाओं वाला स्रोत प्रॉपर्टी टैक्स है।
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