केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक पर देश के विभिन्न हिस्सों में मुस्लिम संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी लगातार इस बिल के खिलाफ मुखर है और प्रदर्शन भी कर रहा है। अब हैदराबाद के मीर आलम मस्जिद में ईद की नमाज से पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड प्रेसिडेंट मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि कोई जमीन जो वक़्फ की जमीन है और उसका डॉक्यूमेंट नहीं भी है तो भी वो वक़्फ की ही जमीन है।
तिरुपति मंदिर के डॉक्यूमेंट कहाँ से लाए जाएँगे- AIMPLB
हैदराबाद की मीर आलम मस्जिद में नमाज से पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रेसिडेंट मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा- "कोई जमीन जो वक़्फ़ की जमीन है और उसका डॉक्यूमेंट नहीं भी है तो भी वो वक़्फ की ही जमीन है। शाहजहां के वक्त की जामा मस्जिद का डॉक्यूमेंट कहाँ से मिलेगा। ये क्या हमसे ले लिया जा सकता है क्या वो दे दे। हमारे भाइयों के तिरुपति मंदिर के डॉक्यूमेंट कहाँ से लाए जाएँगे?
मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा- "क्या गैर मुस्लिम हमारे कमेटी में रह कर हमारे लिए इंसाफ़ कर पाएंगे। अगर कोई वक़्फ़ की ज़मीन पर 12-13 साल से किसी ने क़ब्ज़ा कर लिया हो तो नाजायज कब्जा होने के बावजूद उसी के नाम हो जाएगी। कोई आज मुसलमान हो या मुसलमान 50 साल से हो। हमारे लिए वो एक है। लेकिन अब कहा जा रहा है कि 5 साल तक ज़ब तक वो साबित ना कर दे कि वो इस्लामिक प्रीचर है, वो वक़्फ़ नहीं कर सकता।"
निज़ाम ने कोई भेदभाव नहीं किया- रहमानी
मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा- "हमारे निज़ाम ने कोई भेदभाव नहीं किया। जितना निज़ाम ने मुसलमानों के लिए है, उतना हिंदुओं के लिए भी किया। वैसे ही हिंदू राजा रजवाड़ों ने मुसलमानों के लिए ज़मीन दी थी। लेकिन अब की वक़्फ़ के बिल से ऐसी ज़मीने निकल जाएंगी।"
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