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CM योगी ने किया 'मिशन कर्मयोगी' के प्रोग्रेस का रिव्यू, इन कामों पर विशेष फोकस

Edited By: Khushbu Rawal @khushburawal2 Published : Jan 06, 2026 09:10 pm IST, Updated : Jan 06, 2026 09:10 pm IST

सीएम योगी ने कहा कि 'मिशन कर्मयोगी' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक दृष्टिकोण के साथ भारतीय संस्कृति के लोकाचार में निहित मूल्यों को आत्मसात करते हुए ऐसे सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है, जो प्रदेश और देश के विकास की प्रेरक शक्ति बने।

cm yogi adityanath- India TV Hindi
Image Source : PTI मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक में 'मिशन कर्मयोगी' के तहत राज्य में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मिशन के क्रियान्वयन, प्रशिक्षण ढांचे, डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्थिति और विभिन्न विभागों में क्षमता संवर्धन से जुड़े विषयों पर गहन चर्चा हुई। इस दौरान कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान ने यूपी में मिशन के क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर सीएम के सामने विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की।

PM मोदी की परिवर्तनकारी पहल है 'मिशन कर्मयोगी'

बैठक के दौरान सीएम योगी ने कहा कि 'मिशन कर्मयोगी' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक दृष्टिकोण के साथ भारतीय संस्कृति के लोकाचार में निहित मूल्यों को आत्मसात करते हुए ऐसे सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है, जो प्रदेश और देश के विकास की प्रेरक शक्ति बने। उन्होंने कहा कि यह पहल शासन व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनाने में निर्णायक भूमिका निभा रही है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी को अवगत कराया गया कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत केंद्र में 30 लाख से अधिक सिविल सेवकों, राज्यों में लगभग 2.2 करोड़ कार्मिकों तथा शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में लगभग 50 लाख कार्मिकों को क्षमता संवर्धन से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस मिशन के माध्यम से देश भर के 790 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाया जा रहा है। सभी सिविल सेवकों के सतत एवं समग्र ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए आईगॉट (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्थापना की गई है।

जानें, आईगॉट ऐप के बारे में

आईगॉट प्लेटफॉर्म आज विश्व का सबसे बड़ा सरकार-प्रेरित क्षमता निर्माण मंच बन चुका है। इस पर अब तक 1.45 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हो चुके हैं। प्लेटफॉर्म पर कुल 4,179 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनमें 840 से अधिक पाठ्यक्रम हिंदी में तथा 15 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में 540 से अधिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। अब तक 6.7 करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं, जबकि पाठ्यक्रम पूर्णता दर 70 प्रतिशत से अधिक रही है, जो इस मंच की व्यापक स्वीकृति और प्रभावशीलता को दर्शाती है। आईगॉट ऐप को 50 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।

18.8 लाख से अधिक कार्मिक प्लेटफॉर्म पर हो चुके हैं ऑनबोर्ड

आईगॉट कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश से 18.8 लाख से अधिक कार्मिक प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं, जो वर्ष 2025 में देश भर में हुई कुल ऑनबोर्डिंग का 93 प्रतिशत है। वहीं, प्रदेश के 10 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने कम से कम एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। अब तक उत्तर प्रदेश से 72 लाख से अधिक पाठ्यक्रम पूर्ण किए जा चुके हैं, जो वर्ष 2025 में देश भर में हुई कुल पाठ्यक्रम पूर्णताओं का 99 प्रतिशत है। यह उपलब्धि प्रदेश में सुशासन, दक्ष प्रशासन और नागरिक केंद्रित सेवा प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभाग एवं सरकारी संस्थाएं आवश्यकता अनुरूप अपना पाठ्यक्रम बनाकर भारत सरकार के ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म आईगॉट पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने यह भी कहा कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम को अनिवार्य बनाएं। साथ ही इसे उनके प्रमोशन एवं एसीआर से भी जोड़ें।

पाठ्यक्रम में AI और साइबर सिक्योरिटी को शामिल करें- CM योगी

सीएम ने कहा कि उपाम सहित प्रदेश में संचालित सभी ट्रेनिंग सेंटर्स के लिए समय की आवश्यकता को देखते हुए कैपेसिटी बिल्डिंग पाठ्यक्रम बनाएं, जिससे ट्रेनिंग सेंटर में ही नव प्रशिक्षणार्थियों की कार्यदक्षता को और बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी विभागों एवं सरकारी संस्थाओं के पाठ्यक्रम में AI और साइबर सिक्योरिटी को अनिवार्य रूप से शामिल करें।

सीएम योगी ने कहा कि आईगॉट के केस स्टडी प्लेटफॉर्म 'अमृत ज्ञान कोश' में विश्व की केस स्टडीज उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश में भी विभिन्न विभागों में अच्छी केस स्टडीज हैं, जिन्हें अमृत ज्ञान कोश पर अपलोड करना चाहिए। उन्होंने नई सोच और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि ज्ञान, कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण के समन्वय से ही जनसेवा की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार संभव है। 'मिशन कर्मयोगी' इसी लक्ष्य के साथ कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करता है और जनभागीदारी की भावना को मजबूती प्रदान करता है, जिससे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं की समयबद्ध और प्रभावी पूर्ति सुनिश्चित होती है।

CM योगी ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?

सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता, नियमित मूल्यांकन और व्यावहारिक उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि इसका लाभ शासन की प्रत्येक इकाई तक पहुंचे और जनसेवा के मानकों में निरंतर सुधार हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत अभियंताओं को नई डिजाइन एवं नई तकनीकि का ज्ञान प्राप्त हो सके, इसके दृष्टिगत कैपेसिटी बिल्डिंग का पाठ्यक्रम अवश्य बनाएं।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि मिशन कर्मयोगी के तहत एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पुलिस कांस्टेबल, पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों से जुड़े फील्ड कर्मियों के लिए व्यवहारिक, कार्य-आधारित और जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाए, ताकि जमीनी स्तर पर सेवाओं की प्रभावशीलता और संवेदनशीलता मजबूत हो।

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