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DM कार्यालय परिसर में बनी अवैध मस्जिद पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, ध्वस्तीकरण के आदेश और 6.41 करोड़ का जुर्माना

 Written By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Jul 17, 2026 12:06 am IST,  Updated : Jul 17, 2026 12:06 am IST

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में DM कार्यालय परिसर स्थित एक मस्जिद को लेकर नगर मजिस्ट्रेट की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब डेढ़ साल की सुनवाई के बाद अदालत ने 315 वर्गमीटर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण मानते हुए ढांचे को हटाने के आदेश दिए हैं।

DM Saharanpur- India TV Hindi
DM कार्यालय परिसर में बनी अवैध मस्जिद Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में DM कार्यालय परिसर स्थित एक मस्जिद को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब डेढ़ साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद नगर मजिस्ट्रेट की अदालत ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का मामला मानते हुए मस्जिद को हटाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर लगभग 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। आदेश के पालन के लिए 30 दिनों का समय निर्धारित किया गया है।

यह मामला उस समय चर्चा में आया था, जब बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने प्रशासन से शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि DM कार्यालय परिसर में मौजूद मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है। शिकायत में यह भी कहा गया था कि परिसर का उपयोग केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं था, बल्कि वहां कथित तौर पर व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही थीं।

किराये पर दे रखे थे कुछ कमरे

शिकायत के अनुसार, परिसर में एक डाकघर संचालित किया जा रहा था और उससे जुड़े कुछ कमरों को किराये पर देकर आय अर्जित की जा रही थी। इन आरोपों के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की और सुनवाई नगर मजिस्ट्रेट की अदालत में चली।

सरकारी अधिवक्ता विनय चौहान के मुताबिक, सुनवाई के दौरान मस्जिद पक्ष भूमि के स्वामित्व से जुड़े वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। अदालत के समक्ष बिजली बिल और नगर पालिका के असेसमेंट रिकॉर्ड प्रस्तुत किए गए, लेकिन इन्हें स्वामित्व का पर्याप्त प्रमाण नहीं माना गया। मजिस्ट्रेट की जांच में लगभग 315 वर्गमीटर क्षेत्र में बना ढांचा सरकारी भूमि पर पाया गया। इसके आधार पर अदालत ने निर्माण को अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए। कोर्ट के निर्देश के बाद संबंधित स्थल पर नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है।

1951 से परिसर में मौजूद मस्जिद

शिकायतकर्ता विकास त्यागी का दावा है कि यह मस्जिद साल 1951 से परिसर में मौजूद है। उनका आरोप है कि इससे जुड़े कमरों को किराये पर देकर लंबे समय से आर्थिक लाभ लिया जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान बाहरी लोगों की आवाजाही से प्रशासनिक व्यवस्था और चुनावी गोपनीयता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती थी। फिलहाल प्रशासन अदालत के आदेश के अनुरूप आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर आदेश का पालन नहीं किया जाता, तो प्रशासन नियमानुसार अगली कानूनी कार्रवाई कर सकता है।

(रिपोर्ट: खालिद हसन)

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