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यूपी में अब ‘हेलमेट नहीं तो तेल नहीं’, पेट्रोल लेने के लिए बदल गए नियम, पंप संचालकों को सख्त निर्देश

 Published : Jan 12, 2025 08:11 pm IST,  Updated : Jan 12, 2025 08:11 pm IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं की पॉलिसी को लागू कर दिया है। इस संबंध में सभी पेट्रोल पंप संचालकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।

Petrol Pump- India TV Hindi
पेट्रोल पंप Image Source : FILE

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए बड़ी खबर है। यूपी सरकार ने नई नीति के तहत बिना हेलमेट वाले वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं देने का निर्देश दिया है। 'हेलमेट नहीं तो तेल नहीं’ के इस नियम का कड़ाई से पालन करने का निर्देश पेट्रोल पंप संचालकों को दिया गया है। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने दोपहिया वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं और मौतों की घटनाओं में कमी लाने के प्रयास के तहत राज्य भर में यह नीति अपनाई है। परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने गत आठ जनवरी को एक आधिकारिक पत्र जारी कर पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया कि वे हेलमेट लगाए बगैर पेट्रोल खरीदने के लिए आने वाले लोगों को तेल न दें। 

तत्काल लागू करने पर जोर 

राज्य के सभी 75 जिलों के जिलाधिकारियों और संभागीय परिवहन आयुक्तों को भेजे गए पत्र में इस निर्देश को तत्काल लागू करने पर जोर दिया गया है। इस पत्र में डेटा का हवाला दिया गया है जो दर्शाता है कि दोपहिया वाहन दुर्घटना के शिकार लोगों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की होती है जिन्होंने घटना के समय हेलमेट नहीं लगा रखा होता। इसमें राज्य में सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा के दौरान इस महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी किए गए निर्देशों पर भी प्रकाश डाला गया है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य में हर साल सड़क हादसों में 25-26 हजार लोग मारे जाते हैं। 

ज़्यादातर मौतों की वजह हेलमेट नहीं पहनना

पत्र में कहा गया है, ‘‘दोपहिया वाहन सवारों की सड़क दुर्घटनाओं में ज़्यादातर मौतें हेलमेट न पहनने के कारण होती हैं। इस नीति का उद्देश्य लोगों की जान बचाना और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है।’’ सिंह ने कहा कि यह पहल 2019 में गौतमबुद्ध नगर जिले में पहले भी शुरू की गई थी, लेकिन इसे व्यापक रूप से लागू नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि नए निर्देश में राज्य के सभी जिलों में नियम को सख्ती से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। परिवहन आयुक्त ने इस नीति का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कदम भी सुझाए हैं। 

हेलमेट नहीं तो तेल नहीं के बोर्ड लगाएं

पत्र में कहा गया है, ‘‘पेट्रोल पंप संचालकों को मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और उत्तर प्रदेश मोटर वाहन नियम, 1998 के प्रासंगिक प्रावधानों के बारे में शिक्षित किया जाना चाहिए। इस नीति की सफलता के लिए पुलिस और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) के साथ नियमित समन्वय आवश्यक है।’’ सिंह ने पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा संकेत लगाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘‘हेलमेट नहीं, तेल नहीं’’ प्रदर्शित करने वाले बोर्ड लगाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का उपयोग करके जागरूकता अभियान बड़े पैमाने पर चलाए जाने चाहिए। इन अभियानों में हेलमेट को जीवनरक्षक उपकरण के रूप में पहनने के महत्व पर जोर दिया जाना चाहिए, न कि केवल कानूनी आवश्यकता के रूप में।’’ 

हेलमेट के इस्तेमाल को दें बढ़ावा 

इस नीति का पालन सुनिश्चित करने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों को समय-समय पर समीक्षा करने के लिए कहा गया है। पत्र में पेट्रोल पंप संचालकों से हेलमेट के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में सहायता करने का भी आग्रह किया गया है। इसमें कहा गया है, ‘‘पंप कर्मियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए और हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया सवारों को ईंधन देने से मना करना चाहिए, साथ ही बार-बार उल्लंघन करने वालों के बारे में अधिकारियों को सूचित करना चाहिए।’’ वहीं परिवहन विभाग ने जनता से अपील की है कि वे जब भी दोपहिया वाहन से निकलें को सुरक्षा के दृष्टिकोण से हेलमेट अवश्य लगाएं।  सिंह ने कहा, ‘‘इस पहल का उद्देश्य वाहन चालकों में जिम्मेदारी की भावना पैदा करना तथा सड़क पर सुरक्षित व्यवहार की संस्कृति विकसित करना है।’’ (भाषा)

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