लखनऊ: उत्तर प्रदेश में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के बाद करीब एक करोड़ 27 लाख ऐसे मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में नही है जिनका नाम पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में है और जो सरकारी योजना में लाभार्थी है। अब इन लोगों का नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए चुनाव आयोग एक बार फिर बड़ा अभियान चलाने जा रहा है। चुनाव आयोग का विशेष फोकस युवाओं और महिला मतदाताओं पर रहेगा। दरअसल, यूपी में 55 लाख मतदाता ऐसे है जो सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं लेकिन वोटर लिस्ट में नाम नही है । 66 लाख वोटर ऐसे है जिनका नाम पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में है लेकिन SIR के बाद जारी फाइनल वोटर लिस्ट में नहीं है ।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों के नाम शामिल कराने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों का सहयोग लिया जाएगा। इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह अभियान अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 के आधार पर होने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 के तहत चलाया जाएगा।
पंचायत और विधानसभा की वोटर लिस्ट का होगा मिलान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, विधानसभा की मतदाता सूची का पंचायत और नगरीय निकाय की मतदाता सूची से गहनता से मिलान किया जाएगा। इस प्रक्रिया में ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान होगी, जिनका नाम विधानसभा की मतदाता सूची में नहीं है, लेकिन वे पंचायत या निकाय की सूची में दर्ज हैं। ऐसे लोगों का नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरवाया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति भारत की किसी भी विधानसभा की मतदाता सूची में पहले से शामिल न हो।
राशन की दुकानों से होगी छूटे मतदाताओं की पहचान
छूटे हुए मतदाताओं की पहचान के लिए सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों की भी मदद ली जाएगी। राशन कार्ड में दर्ज 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के ऐसे पात्र नागरिकों को चिह्नित किया जाएगा, जिनका नाम मौजूदा विधानसभा मतदाता सूची में नहीं है। इसके बाद उनका फॉर्म-6 भरवाकर मतदाता के रूप में पंजीकरण कराया जाएगा।
18-19 साल के युवाओं पर विशेष ध्यान
युवा मतदाताओं का पंजीकरण बढ़ाने के लिए स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में गठित मतदाता साक्षरता क्लब (ELC) को सक्रिय किया जाएगा। कक्षा 9 और उससे ऊपर के विद्यार्थियों में 18-19 साल के पात्र युवाओं की पहचान कर उनका नाम मतदाता सूची में जुड़वाया जाएगा। इस काम में NSS, NCC, नेहरू युवा केंद्र, युवक मंगल दल और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स का भी सहयोग लिया जाएगा।
महिला मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए घर-घर पहुंचेंगी कार्यकर्ता
उन्होंने बताया कि वर्तमान मतदाता सूची में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं के सापेक्ष असामान्य रूप से कम है। समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि पात्र महिलाओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विभिन्न शासकीय विभागों यथा महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग, स्वास्थ्य विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अतंर्गत कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, आशा, ए०एन०एम० एवं समूह सखियों का सहयोग प्राप्त किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि आशा, एएनएम तथा आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में घर-घर भ्रमण किया जाता है। इनकी सहायता से ऐसी प्रत्येक पात्र महिलाओं को चिन्हित कर फॉर्म-6 भरवाया जाएगा जिनका नाम वर्तमान मतदाता सूची में शामिल नहीं है। इसी प्रकार प्रत्येक ग्राम में महिला स्वंय सहायता समूह गठित हैं, जिनमें कार्यरत समूह सखियों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक पात्र महिला का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने का प्रयास किया जाएगा।