Viral Video : बेंगलुरु में रहने वाली एक अमेरिकी महिला ने शहर में बेकाबू किराया वृद्धि पर अपनी निराशा व्यक्त की है। डाना मैरी ने एक इंस्टाग्राम वीडियो में बताया कि उनके मकान मालिक किराया 33% बढ़ाना चाहते हैं जो किसी भी लिहाज से बहुत ज्यादा है। स्थिति और भी खराब इसलिए है क्योंकि अगर वह मना करती हैं, तो उन्हें आसानी से बेदखल किया जा सकता है, क्योंकि बहुत से लोग यह किराया देने को तैयार हैं। बेंगलुरु स्थित कंटेंट क्रिएटर ने इस बढ़ोतरी की तुलना अमेरिका की किराये प्रणाली से की, जहां मकान मालिकों को अक्सर किराये की सीमा का पालन करना पड़ता है।
एक्स पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को एक्स पर @KantInEastt नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इसमतें महिला ने बताया कि, 'यह एक समस्या है। क्या आप जानते हैं कि अमेरिका में, कई जगहों पर यह कानूनी भी नहीं होगा। वहां किराए पर सालाना 10% की सीमा तय है। आप इससे ज्यादा किराया नहीं बढ़ा सकते, और लोग वास्तव में कानून का पालन करते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात उनके किराए में वृद्धि नहीं है, बल्कि यह है कि बेंगलुरु में सब कुछ कितना सामान्य लगता है। कैप्शन में वे लिखती हैं कि, 'बेंगलुरु में रहने वाली एक अमेरिकी महिला शिकायत करती है कि उसका किराया 33% बढ़ गया है, जबकि अमेरिका में किराए की अधिकतम सीमा 10% निर्धारित है। साथ ही, मकान मालिक 4-6 महीने का किराया अग्रिम के तौर पर रख लेते हैं, जबकि उन्हें सिर्फ 1-2 महीने का किराया ही लेना चाहिए।'
अमेरिकी से की तुलना
महिला ने बेंगलुरु की तुलना अमेरिका से की, जहां किराए में बढ़ोतरी काफी कम है। कहा कि, 'तुलना के लिए, अमेरिका में किराए में बढ़ोतरी आमतौर पर 3-5% होती है और अमेरिकियों को इसे वहन करने में मुश्किल होती हैं। किराए में सालाना 10% की वृद्धि भी कुछ ही वर्षों में किराए में बेतहाशा वृद्धि का कारण बन सकती है। मान लीजिए बेंगलुरु में आपके किराए में औसतन 10% वार्षिक वृद्धि होती है। 10 वर्षों में 30,000 का किराया 80,000 हो जाता है और 1 लाख की राशि 2.6 लाख हो जाती है। क्या यह टिकाऊ है?' दाना ने मकान मालिकों द्वारा सिक्योरिटी जमा के रूप में चार से छह महीने का किराया मांगने की प्रथा पर भी सवाल उठाया, जबकि कर्नाटक का एक कानून यह निर्धारित करता है कि मकान मालिक जमा के रूप में दो महीने से अधिक का किराया नहीं ले सकते हैं।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
वीडियो के कमेंट सेक्शन में एक व्यक्ति ने लिखा, 'भारत में कानून की परवाह कोई नहीं करता, जो कि दुख की बात है।' दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'किराए में 33% की बढ़ोतरी काफी परेशान करने वाली है। लेकिन बेंगलुरु में आवास व्यवस्था और भी ज्यादा असंतुलित है… अमेरिका के सिएटल में काम कर चुके एक गूगल इंजीनियर को अपार्टमेंट किराए पर लेने के लिए मकान मालिक के साथ इंटरव्यू देना पड़ा… और शुरुआत में उसे मना कर दिया गया।' दूसरे ने लिखा कि, 'नए कानून के अनुसार, जमा राशि 2 महीने के किराए से अधिक नहीं हो सकती, साथ ही मकान मालिक किराए में 10% से अधिक की वृद्धि नहीं कर सकते। ये कानून अप्रैल 2026 से लागू होंगे।' एक और ने लिखा कि, 'इस बारे में खुलकर बोलने के लिए धन्यवाद। सरकार किसी भी कानून को लागू नहीं कर सकतीं'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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