1. Hindi News
  2. वायरल न्‍यूज
  3. तूफान अर्णब भी नहीं झुका सका प्रभु जगन्नाथ के मंदिर का ध्वज, पुरी के इस Video को लोग बता रहे चमत्कार

तूफान अर्णब भी नहीं झुका सका प्रभु जगन्नाथ के मंदिर का ध्वज, पुरी के इस Video को लोग बता रहे चमत्कार

 Written By: Shaswat Gupta
 Published : Oct 30, 2026 11:22 am IST,  Updated : Oct 30, 2026 11:22 am IST

सोशल मीडिया पर पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें भयंकर तूफान के बीच मंदिर के शिखर पर लगे ध्वज को सेवक बदलते दिख रहे हैं।

puri jagannath temple, puri jagannath mandir video, puri jagannath mandir flag video, cyclone Arnab - India TV Hindi
पुरी जगन्नाथ मंदिर का वीडियो वायरल। Image Source : IG/@V_SCAPES__

ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में चक्रवात अर्णब की भीषण हवाओं और मूसलाधार बारिश के बीच 214-215 फीट ऊंचे मंदिर के शिखर पर पतितपावन बाणा (ध्वज) को देखा जा सकता है। तेज तूफान के बावजूद मंदिर की परंपरा कायम रही और सेवकों ने ध्वज बदलने का काम पूरा किया। भक्त इस घटना को महाप्रभु जगन्नाथ का चमत्कार बता रहे हैं।

इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे वीडियो 

इंस्टाग्राम पर कई हैंडल्स से वीडियो शेयर किए गए हैं। यूजर हैंडल @v_scapes__ के वीडियो में भारी बारिश के बीच मंदिर के शिखर पर ज्योत लेकर चढ़े सेवक दिख रहे हैं।

@ujjainliveofficial के वीडियो में महाप्रभु के चमत्कार को मार्मिक शब्दों के साथ दर्शाया गया है।

वहीं, @jagannath_dham01 के वीडियो में मंदिर के सेवकों को 214-215 फीट ऊंचे शिखर पर ध्वज बदलते दिखाया गया है।  

वीडियो में क्या-क्या दिखा

वायरल हो रहे वीडियो में तीन मंदिर सेवक 214 फीट की ऊंचाई पर भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच शिखर पर चढ़ते और परिक्रमा करते दिख रहे हैं। वे तीन दीप लिए हुए हैं, जिनकी लौ तेज बारिश में भी नहीं बुझी। ये सेवक ध्वज की गांठ खोलने और नया ध्वज लगाने के लिए पहुंचे थे। जगन्नाथ मंदिर में ध्वज रोज बदला जाता है। यह चुनरा सेवा सदियों पुरानी परंपरा है। मान्यता है कि अगर एक दिन भी ध्वज नहीं बदला गया तो मंदिर 18 साल तक बंद रह सकता है। तूफान के बीच भी इस परंपरा को निभाना भक्तों के लिए आस्था का प्रतीक बन गया। 

चक्रवात अर्णब भी नहीं रोक सका पुरी की परंपरा

चक्रवात अर्णब इस सप्ताह ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर प्रभाव डाल रहा था। हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी, जबकि झोंकों में यह 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक थी। पुरी में भारी बारिश और तेज हवाओं का कहर छाया रहा। ऐसे कठिन मौसम में भी श्रीमंदिर की रोजमर्रा की परंपराएं रुकी नहीं। 

क्यों माना जा रहा चमत्कार 

दावा है कि, मंदिर के नीलचक्र पर फहराते पतितपावन बाणा में तेज हवाओं के कारण एक रहस्यमयी गांठ बन गई, जिसे ‘शून्य ग्रंथि’ या ‘जीरो नॉट’ कहा जा रहा है। ध्वज का कुछ हिस्सा फट भी गया। नीलचक्र पर भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सैकड़ों छोटे ध्वज भी हवा के तेज झोंकों से टूटकर दधिनौती पर गिर गए। चुनरा सेवकों और दैतपति सेवकों के अनुसार शून्य ग्रंथि का बनना शुभ संकेत माना जाता है। यह संकेत देता है कि महाप्रभु संकट को बांध लेते हैं और क्षेत्र या राज्य को बड़े नुकसान से बचाते हैं। 

क्या बोले यूजर्स 

सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को चमत्कार बता रहे हैं। कई भक्त लिख रहे हैं कि तूफान अर्णब भी प्रभु जगन्नाथ के ध्वज को झुका नहीं सका। शून्य ग्रंथि को महाप्रभु द्वारा ओडिशा और पुरी धाम की सुरक्षा का संकेत माना जा रहा है। कुछ सेवकों ने भी कहा कि यह गांठ खतरों और विपत्तियों को दूर करने का संकेत है। वीडियो में बारिश के बीच दीप जलते रहना भी कई लोगों को अचंभित कर रहा है। 

उल्टी दिशा में लहराता है ध्वज  

यह घटना जगन्नाथ मंदिर की उन कई रहस्यमयी बातों से जुड़ी है, जिनके बारे में भक्त सदियों से चर्चा करते आए हैं। मंदिर का ध्वज अक्सर हवा की दिशा के विपरीत लहराता दिखता है, हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसे मंदिर की संरचना और हवा के प्रवाह से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन आस्था के स्तर पर भक्त इसे दिव्य मानते हैं। पहले के चक्रवातों में भी ध्वज कभी फटा या उड़ गया था, लेकिन इस बार शून्य ग्रंथि ने चर्चा को नया आयाम दिया। वायरल वीडियो और तस्वीरें दिखाती हैं कि प्रकृति के प्रकोप के बीच भी आस्था कैसे अडिग रहती है। भक्तों का मानना है कि महाप्रभु जगन्नाथ अपने भक्तों और पुरी धाम की हमेशा रक्षा करते हैं। चक्रवात अर्णब की चुनौती के बीच शून्य ग्रंथि और अटूट परंपरा ने एक बार फिर यही संदेश दिया है।  

गौरतलब है कि, इससे पहले पुरी में होली के रंगों में रंगे नीदरलैड के पर्यटकों का वीडियो वायरल हुआ था। 

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

ये भी पढ़ें  -  
बीमार पत्नी को पीठ पर उठाकर जगन्नाथ मंदिर तक ले गए ये बाबूजी, Viral Video देख आप भी कहेंगे- 'ये है सच्चा प्यार'

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। वायरल न्‍यूज से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।