भारतीय युवक आदित्य सिंह ने कतर में एक प्रमुख एयरलाइन कंपनी में 2.5 लाख रुपये प्रति माह की ऊंची सैलरी वाली नौकरी छोड़ दी और तीन साल पहले भारत लौट आए। अब वे कर्नाटक के मैसूर (मैसूरु) में बस गए हैं, शादी कर चुके हैं और ट्रांसफॉर्मेशन कोच के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में अपना अनुभव साझा किया, जो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @leanwithaditya नामक हैंडल से शेयर किया गया है। आदित्य सिंह ने बताया कि तीन साल पहले वे कतर की बेहतरीन एयरलाइनों में से एक में काम कर रहे थे और उन्हें हर महीने 2.5 लाख रुपये मिलते थे। उन्होंने कहा, “तीन साल पहले मुझे महीने के ₹2.5 लाख मिलते थे, और मैंने अपनी नौकरी छोड़कर भारत वापस आने का फैसला किया। मैं कतर की सबसे बेहतरीन एयरलाइनों में से एक में काम कर रहा था, और मेरा परिवार मेरे इस फैसले से बहुत खुश नहीं था।” परिवार उनके इस फैसले से नाखुश था क्योंकि विदेश में सुरक्षित और ऊंची कमाई वाली नौकरी छोड़ना आसान नहीं था। फिर भी उन्होंने जोखिम उठाया और भारत लौटने का फैसला किया।
भारत आकर मैसूर में हुए शिफ्ट
भारत लौटने के बाद आदित्य सिंह ने मैसूर को अपना ठिकाना बनाया। वे शहर की स्वच्छता और जीवन की गुणवत्ता से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, “लेकिन तीन साल बाद, जब मैं अपने आज के जीवन को देखता हूँ, तो पाता हूँ कि मेरी शादी हो चुकी है और मैं भारत के सबसे बेहतरीन शहरों में से एक - मैसूर - में बस गया हूँ, जो सबसे साफ़-सुथरे शहरों में से भी एक है। यहाँ जीवन जीने का स्तर बहुत शानदार है।” मैसूर को वे भारत के सबसे स्वच्छ शहरों में से एक मानते हैं और यहां की लाइफस्टाइल उन्हें पसंद है।
भारत लौटकर जीवन आसान नहीं
उन्होंने स्वीकार किया कि भारत लौटने के बाद जीवन हमेशा आसान नहीं रहा। काम से जुड़े चुनौतियां अभी भी हैं और वे बहुत आरामदायक जीवन नहीं जी रहे। लेकिन स्वतंत्रता और अपनी मर्जी से जीने का एहसास उन्हें संतुष्ट करता है। उन्होंने कहा, “तो, मैंने रिस्क लिया, हालाँकि उस समय बहुत कम लोगों ने मेरे इस फैसले की तारीफ की थी। लेकिन आज, जब मैं अपनी जिंदगी को देखता हूँ, तो जाहिर है कि यह आसान नहीं है। ऐसा भी नहीं है कि मैं बहुत आरामदायक जिंदगी जी रहा हूं। काम को लेकर कई चुनौतियाँ हैं, लेकिन मैं अपने शहर में रह रहा हूँ। कभी-कभी मुझे देर से उठना पड़ता है; जब आप अपनी मर्जी से कुछ करते हैं, तो आपको काफी आजादी मिलती है। इसलिए, अपनी इस जिंदगी के लिए मैं आभारी हूं।”
ट्रांसफॉर्मेशन कोच बनकर कर रहे काम
आदित्य अब ट्रांसफॉर्मेशन कोच के रूप में काम करते हैं। उनका जोर व्यक्तिगत स्वतंत्रता, स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता पर है। कई भारतीय विदेश में ऊंची सैलरी के लिए जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद प्राथमिकताएं बदल जाती हैं और वे परिवार, शांति और घरेलू जीवन को तरजीह देते हैं। आदित्य का केस इसी ट्रेंड को दर्शाता है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर उनके वीडियो पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आईं। कई यूजर्स ने उनकी तारीफ की कि उन्होंने बाहरी मानकों से ऊपर उठकर अपनी मर्जी से जीवन चुना। एक यूजर ने लिखा कि अपनी शर्तों पर जीना आशीर्वाद है और बाहरी बेंचमार्क से जिंदगी नापने से शांति नहीं मिलती। दूसरे ने एविएशन इंडस्ट्री के अनुभवों को याद करते हुए कहा कि शरीर पर पड़ने वाले दबाव के बाद घरेलू जीवन बेहतर लगता है। कुछ पूर्व एयरलाइन कर्मचारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
क्यों लोगों की पसंद है मैसूर
मैसूर जैसे शहरों में जीवन की गुणवत्ता, स्वच्छता और अपेक्षाकृत शांत माहौल कई लोगों को आकर्षित कर रहा है। आदित्य ने जोखिम लिया, परिवार के विरोध के बावजूद फैसला किया और अब तीन साल बाद संतुष्ट हैं। उनका संदेश साफ है—कभी-कभी ऊंची सैलरी छोड़कर अपनी पसंद की जिंदगी चुनना ज्यादा खुशी देता है।
गौरतलब है कि, इससे पहले फिनलैंड से भारत लौटने वाली भारतीय लड़की का वीडियो वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें -
पड़ोसियों के भारत वापस लौटने पर फूट-फूटकर रो पड़ी अमेरिकी महिला, दिल छू लेने वाला Video हो रहा वायरल