1. Hindi News
  2. वायरल न्‍यूज
  3. 'डार्क सर्कल्स से परेशान हो जाऊंगी!' ऑफिस में फिक्स्ड लंच ब्रेक से तंग आ गई Gen Z लड़की, यूजर्स के रिएक्शन वायरल

'डार्क सर्कल्स से परेशान हो जाऊंगी!' ऑफिस में फिक्स्ड लंच ब्रेक से तंग आ गई Gen Z लड़की, यूजर्स के रिएक्शन वायरल

 Written By: Shaswat Gupta
 Published : Oct 22, 2026 08:12 am IST,  Updated : Oct 22, 2026 08:12 am IST

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है। इस पोस्ट में ऑफिस में फिक्स्ड लंच ब्रेक पर Gen Z लड़की की प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बनी है।

Gen Z woman viral post, viral video, gen z woman in corporate, viral news- India TV Hindi
महिला की पोस्ट वायरल। Image Source : PEXELS

पहली कॉर्पोरेट नौकरी शुरू करने के बाद युवाओं को ऑफिस के नियमों, काम के दबाव और मैनेजर की उम्मीदों के साथ तालमेल बैठाने में कई बार मुश्किल होती है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक Gen Z महिला की ऐसी ही कहानी चर्चा में है। महिला की शिकायत है कि ऑफिस में लंच का समय तय है, छुट्टियां सीमित हैं और देर से आने पर भी सख्त नियम लागू होते हैं। इन सबके बीच मैनेजर की एक टिप्पणी ने उसकी परेशानी और बढ़ा दी। उसने मजाकिया अंदाज में कहा कि नौकरी करते-करते उसकी मेंटल हेल्थ खराब हो रही है और जल्द ही आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स आ जाएंगे।

एक्स पर शेयर की गई पोस्ट 

इस पोस्ट को एक्स पर @rijhwanisheetal नामक हैंडल से शेयर की गई है। उनकी पोस्ट के मुताबिक, उनकी Gen Z कजिन ने हाल ही में अपनी पहली कॉर्पोरेट नौकरी शुरू की थी। शीतल के अनुसार, उनकी कजिन ने बताया कि ऑफिस में लंच करने का एक निश्चित समय निर्धारित है। कर्मचारियों को उसी समय खाना खाना होता है और लंच ब्रेक केवल 45 मिनट का है। इस नियम पर सवाल उठाते हुए युवती ने कहा कि अगर तय समय से पहले भूख लग जाए, तो क्या किया जाए? उसकी शिकायतें केवल लंच ब्रेक तक सीमित नहीं थीं। पोस्ट के मुताबिक, युवती को महीने में सिर्फ तीन पेड लीव मिलती हैं। इसके अलावा, ऑफिस पहुंचने में अधिकतम 10 मिनट की देरी की ही छूट है। उसकी शिफ्ट नौ घंटे की है और उसे पूरे दिन काम करना पड़ता है। नई नौकरी में इन नियमों के साथ तालमेल बैठाना उसके लिए मुश्किल हो रहा था। युवती को शायद उम्मीद थी कि नौकरी में काम के साथ-साथ अपनी निजी जिंदगी के लिए भी पर्याप्त समय मिलेगा, लेकिन शुरुआती अनुभव ने उसे निराश कर दिया।  

मैनेजर की बात ने बढ़ाई परेशानी

शीतल ने पोस्ट में बताया कि उनकी कजिन की मैनेजर के साथ भी एक बातचीत हुई थी, जिसे उसने रूखे व्यवहार के तौर पर लिया। युवती के मुताबिक, मैनेजर ने उससे कहा कि यदि कोई काम समझ में न आए, तो किसी से मदद मांग लेनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण है, इसलिए काम में गलतियां नहीं होनी चाहिए। मैनेजर की इस बात पर युवती ने अपनी परेशानी कुछ इस अंदाज में जाहिर की कि आखिर वह इस माहौल में कैसे टिक पाएगी। उसने कहा कि उसकी ‘ऑरा’ खत्म हो रही है, मेंटल हेल्थ की हालत खराब हो रही है और जल्द ही आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स भी नजर आने लगेंगे। उसकी बातों का सबसे चर्चित हिस्सा था, ‘मैंने इन सबके लिए नौकरी नहीं की थी।’ शीतल ने बताया कि अपनी कजिन की शिकायतें सुनकर वह हंसी नहीं रोक पाईं।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

इस पोस्ट के वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई। कुछ यूजर्स ने युवती की शिकायतों को मजाकिया और नए कर्मचारियों के अनुभव से जुड़ा माना, जबकि अन्य ने ऑफिस के नियमों और कर्मचारियों पर पड़ने वाले दबाव पर सवाल उठाए।

एक यूजर ने लिखा, “उसे बताओ कि यह IT में पहला लेवल है; एक साल बाद उसे अजगर, सांप, शेर, बाघ के साथ टॉक्सिक माहौल में रहने की आदत हो जाएगी।” 

एक और कमेंट में अलग राय रखते हुए कहा गया, “Gen Z इतने अच्छे मिलेनियल बॉस के साथ भी काम नहीं कर सकते।”

एक यूजर जिसने एक जापानी कंपनी में काम किया था, उसने अपना अनुभव शेयर करते हुए लिखा, “वह लाला कंपनी या किसी जापानी कंपनी में काम कर रही है। मैंने ऐसा सिर्फ एक जापानी कंपनी में देखा है जहां मैंने काम किया है, वरना कंपनियां चिल रहती हैं। उन्हें काम से मतलब होता है, आप कैसे करते हैं इससे नहीं।”

कुछ यूजर्स ने वर्कप्लेस प्रेशर के बारे में बोलने के लिए यंग वर्कर्स की भी तारीफ की। एक व्यक्ति ने लिखा, “अच्छा है कि वह जागरूक हैं और बातचीत कर रही हैं। बूमर्स और मिलेनियल्स ने इतने लंबे समय तक इस शोषण और बुरे बर्ताव को झेला है, सिर्फ जेनरेशन ए ही इस टॉर्चर को बदल सकती है।”

एक और कमेंट करने वाले ने लंच के नियम पर सवाल उठाते हुए कहा, “वह सही कह रही है, लंच का टाइम कौन तय करता है।” वहीं, एक यूज़र ने अंदाजा लगाया कि एम्प्लॉई को बाद में काम और भी मुश्किल लग सकता है, और लिखा, “वह अपने पहले अप्रेजल के दौरान जरूर रोएगी।” 

गौरतलब है कि, इससे पहले 9 साल तक गुल्लक में पैसे बचाकर जमीन खरीदने वाली Gen-Z लड़की की पोस्ट काफी वायरल हुई थी। 

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

ये भी पढ़ें - 

'भजन क्लबिंग ट्रेंड' क्या है ? आखिर Gen-Z के बीच इतना पॉपुलर कैसे हुआ ये नाम; यहां जानिए सब कुछ

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। वायरल न्‍यूज से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।