Viral Video : हाल ही में उद्यमी आकाश गुप्ता ने एक वायरल वीडियो शेयर किया, जिसमें उनके कैब ड्राइवर ने बताया कि उन्होंने 25,000 रुपये सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी और अब फुल-टाइम कैब चलाकर महीने में करीब 1 लाख रुपये कमा रहे हैं। ड्राइवर ने बताया कि 9-5 की जॉब में बंधे रहने से बेहतर है खुद का समय, अपनी मर्जी से काम और बेहतर कमाई। आकाश गुप्ता ने उन्हें “गिग एंटरप्रेन्योर” और “बिजनेसमैन” कहा, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। वीडियो में ड्राइवर की मुस्कान और आत्मविश्वास देखकर लाखों यूजर्स हैरान रह गए।
इंस्टाग्राम पर वीडियो हुआ वायरल
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @kaashseakash नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में उद्यमी ने ड्राइवर से उसकी पिछली नौकरी छोड़ने के फैसले के बारे में पूछा। ड्राइवर ने बताया कि वह सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफिस में काम करता था और उसकी मासिक तनख्वाह 25,000 रुपये थी। उसने बताया कि यह आमदनी कम थी और उसकी जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त नहीं थी। उन्होंने बताया कि टैक्सी ड्राइवर बनने के बाद उनकी मासिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव से उन्हें तय समय पर काम करने के बजाय अपनी मर्जी से काम करने की आजादी भी मिल गई है। वह स्वतंत्रता और अपनी शर्तों पर काम करने के बारे में बात करता है।
ड्राइवर ने बताए कैब चलाने के फायदे
ड्राइवर ने बताया कि अपनी टैक्सी खुद चलाने से उसे अपने शेड्यूल पर पूरा नियंत्रण मिलता है। वह अपने काम के घंटे खुद तय कर सकता है, रूट चुन सकता है और किसी को रिपोर्ट किए बिना अपना पूरा दिन मैनेज कर सकता है। उद्यमी ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और उनसे कहा कि उन्हें खुद को एक व्यवसायी के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने वाहन और आय का प्रबंधन स्वयं करने का अर्थ है कि वे प्रभावी रूप से स्वतंत्र रूप से काम कर रहे हैं और अपना छोटा व्यवसाय खड़ा कर रहे हैं।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो पर ऑनलाइन मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। एक यूजर ने लिखा, 'सभी गिग वर्कर्स का सम्मान करें।' दूसरे ने कहा, 'ये बहुत प्रेरणादायक है।' तीसरे ने लिखा कि, 'आप सही कह रहे हैं, भाई।' हालांकि, कुछ यूजर्स ने इसे उद्यमिता कहने के विचार से असहमति जताई। एक टिप्पणी में लिखा था, 'भाई, उद्यमिता का मतलब समाज में एक नई अवधारणा, विचार या सामग्री का परिचय देना है और यह काम उद्यमिता नहीं है, यह तो बस एक काम है।' एक अन्य यूजर ने कहा, 'भाई, उसे व्यवसायी नहीं, स्वरोजगार कहते हैं।'
क्यों बढ़ रहा है जॉब छोड़ने का ट्रेंड ?
कई शहरों में Ola-Uber ड्राइवर अच्छे घंटे काम करके 60,000 से 1.5 लाख रुपये तक कमा लेते हैं। बोनस, इंसेंटिव और लंबे घंटे कमाई बढ़ाते हैं, जबकि सैलरीड जॉब में ग्रोथ धीमी और टैक्स कटौती ज्यादा होती है। नौकरी में बॉस, टारगेट और फिक्स्ड टाइमिंग की कैद से मुक्ति की वजह से भी लोग जॉब छोड़ना पसंद कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को एक फायदा ये भी दिखता है कि ड्राइवर अपनी सुविधा के अनुसार काम कर सकते हैं, परिवार के साथ समय बिता सकते हैं। वहीं लेऑफ, ऑफिस पॉलिटिक्स, लंबी कम्यूट और कम सैटिस्फैक्शन युवाओं को गिग वर्क की ओर धकेल रहा है। कई इंजीनियर, MBA और IT प्रोफेशनल्स अब कैब, ऑटो या डिलीवरी में बेहतर बैलेंस ढूंढ रहे हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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