मुर्शिदाबाद: मुर्शिदाबाद जिले की सभी सीटों पर मतगणना सुबह आठ बजे से चल रही है। मतगणना के ताजा रुझान समय-समय पर जारी किए जा रहे हैं। रिजल्ट पर प्रदेश भर के लोगों की निगाहें हैं। सबसे ज्यादा बहरामपुर विधानसभा सीट के रिजल्ट पर लोगों की नजरे हैं। यहां से कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अधीर रंजन चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं। बहरामपुर से 13 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, टीएमसी के नारू गोपाल मुखर्जी और सुब्रत मैत्रा (कंचन) के बीच देखा जा रहा है। हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी से सुकबोर मोल्ला, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी), सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ़ इंडिया (कम्युनिस्ट) के साथ कुछ अन्य क्षेत्रीय पार्टी और निर्दलीय भी चुनावी मैदान में हैं। बहरामपुर को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीट माना जाता है और मुर्शिदाबाद ज़िले में इसे अक्सर कांग्रेस का मज़बूत गढ़ माना जाता रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को यहां पर टीएमसी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इस बार वह विधानसभा चुनाव में अपनी चुनावी किस्मत का अजमा रहे हैं। यहां पर 23 अप्रैल को मतदान हुआ था।
बहरामपुर का चुनावी इतिहास
बहरामपुर सीट टीएमसी ने कभी नहीं जीती है। लोकसभा चुनाव में जीत के बाद पार्टी का मनोबल बढ़ा जरुर है। बहरामपुर में 2021 के चुनाव में बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। बीजेपी के सुब्रत मैत्रा (कंचन) ने टीएमसी की नारू गोपाल मुखर्जी को 26,852 वोटों के अंतर से हराया था। इस बार भी दोनों एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। 2016 के विधानसभा चुनावों में यह सीट कांग्रेस उम्मीदवार मनोज चक्रवर्ती ने 92,273 वोटों के बड़े अंतर से TMC की उम्मीदवार डॉ. सुजाता बनर्जी को हराया था। इस सीट पर सबसे ज्यादा कांग्रेस को दस बार जीत मिली है। जबकि रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी ने तीन बार और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने दो बार यह सीट जीत चुकी है।