कोलकाता: BJP नेत्री लॉकेट चटर्जी ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट के एसआईआर का टीएमसी विरोध इसलिए कर रही है क्योंकि उसे उन “अवैध मतदाताओं” को खोने का डर है, जो बांग्लादेश से “गैरकानूनी” तरीके से बॉर्डर पार कर पश्चिम बंगाल में आकर बसे हैं और दस्तावेज हासिल कर लिए हैं। बिहार चुनाव 2025 पर रिएक्शन देते हुए लॉकेट चटर्जी ने कहा कि एसआईआर कैसे मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए जरूरी है यह बिहार चुनाव में दिख गया। एसआईआर से यह सुनिश्चित किया जाता है कि केवल वास्तविक मतदाता ही वोट डालें।
लॉकेट चटर्जी ने दावा किया कि बिहार विधानसभा चुनाव में आए नतीजों ने टीएमसी “डरी” है और अब वह पश्चिम बंगाल में खुद की “हार की आहट” महसूस कर रही है। अब तक एसआईआर के तहत पश्चिम बंगाल में 34 लाख मृत वोटर्स के नाम हटाए जा चुके हैं। कोई सोच भी नहीं सकता है कि जो लोग मृत हैं, उनके नाम पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके वोट डाले जाते रहे होंगे।
BJP नेत्री लॉकेट चटर्जी ने दावा किया, “इस बात की पूरी संभावना है कि ये मत तृणमूल कांग्रेस की जीत में योगदान देते रहे हैं। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी घबराहट में हैं क्योंकि उन्हें मालूम है कि उनका खेल खत्म होने वाला है।”
लॉकेट चटर्जी के मुताबिक, हाल के वर्षों में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच वोट शेयर का डिफरेंस कम हुआ है। एक बार जब केवल “वैध मतदाता” ही वोट करेंगे तो बीजेपी को निर्णायक बढ़त मिल जाएगी। आपने नोटिस किया होगा कि जिन बस्तियों में बांग्लादेशी और रोहिंग्या रहते थे, वे पिछले कुछ दिनों से खाली हो रही हैं।
(इनपुट- भाषा)
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