पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के लेक टाउन इलाके में वीआईपी रोड के किनारे क्लॉक टावर पर लगी दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी की ऊंची फाइबरग्लास की मूर्ति पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। गंभीर संरचनात्मक खामियों के कारण यह मूर्ति कभी भी गिर सकती है। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने इसे तुरंत यहां से शिफ्ट करने का फैसला किया है।
जब तक मूर्ति को पूरी तरह से शिफ्ट नहीं कर दिया जाता, तब तक इसे ढहने से बचाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने कल यानी मंगलवार रात 12 बजे से इसे चारों तरफ से रस्सियों के सहारे बांधने का काम शुरू कर दिया है।
हल्की हवा में ही कांपने लगी 70 फीट की मूर्ति
दरअसल, मई 2026 के आखिरी हफ्ते में चली महज 25 किमी प्रति घंटे की मध्यम रफ्तार की हवा में ही यह विशाल मूर्ति खतरनाक तरीके से हिलने लगी। मूर्ति को इस तरह डगमगाते देख स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई, जिसके बाद तुरंत प्रशासन को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर मूर्ति का निरीक्षण किया।
PWD के इंजीनियरों ने निरीक्षण के बाद बताया कि मूर्ति के सेंटर ऑफ ग्रैविटी और फाउंडेशन बोल्ट में गंभीर गड़बड़ी है। मूर्ति को जमीन से जोड़ने वाले फाउंडेशन बोल्ट बेहद कमजोर हैं, जिसके कारण हवा के दबाव में पूरा ढांचा पैरों की तरफ से कांपने लगता है। यह मूर्ति फुटपाथ की जगह पर लगाई गई थी, जो नियमों के खिलाफ है।
खुद मेस्सी ने किया था वर्चुअल अनावरण
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में जब लियोनेल मेस्सी भारत दौरे पर आए थे, तब राज्य के पूर्व मंत्री सुजीत बोस के क्लब- श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब की पहल पर इस गगनचुंबी मूर्ति को तैयार किया गया था। खुद मेस्सी ने इस मूर्ति का वर्चुअल अनावरण किया था।
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