पश्चिम बंगाल में 22 दिन बाद वोटिंग है लेकिन उससे पहले शहर-शहर बवाल हो रहा है। कहीं फॉर्म 6 को लेकर मारपीट हो रही है। कहीं बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला हो रहा है तो कहीं हिंदुओं की आस्था पर अटैक किया जा रहा है। कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर के बाहर आज भी जबरदस्त हंगामा हो सकता है। कोलकाता में चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर आज भी TMC के कार्यकर्ता बवाल काट सकते है क्योंकि फॉर्म-6 जमा करने की आज आखिरी तारीख है।
कल TMC कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर के बाहर बवाल काटा था। BJP और टीएमसी के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई थी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, कल मेदिनीपुर से एक शख्स बैग लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर पहुंचा था। TMC के कार्यकर्ताओं को शक था कि इस बैग में फॉर्म-6 है और इसके जरिए वो TMC समर्थकों के नाम कटवा देगा जिसके बाद तृणमूल कार्यकर्ताओं ने उस शख्स को रोक दिया और उसके कपड़े फाड़ दिए।
वहीं, इस पर बीजेपी का कहना है कि जो शख्स मेदिनीपुर से बैग लेकर आया था, उससे बीजेपी का कोई लेना देना नहीं है। वो आम नागरिक था जो अपने काम से आया था। बीजेपी कार्यकर्ता टीएमसी पर गुंडागर्दी का आरोप लगाकर सीईओ ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए तो टीएमसी समर्थकों ने भी फॉर्म-6 को मुद्दा बनाकर प्रदर्शन किया।
क्या है फॉर्म-6?
अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, या फिर आप एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। इसके लिए फॉर्म-6 का प्रयोग किया जाता है। चुनाव आयोग (ECI) द्वारा जारी यह फॉर्म नए मतदाताओं को वोटर लिस्ट में शामिल कराने या स्थानांतरण के लिए इस्तेमाल होता है।
फॉर्म-6 से दहशत में क्यों है टीएमसी?
जब से TMC नेता अभिषेक बनर्जी ने फॉर्म-6 को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर वोट चोरी की कोशिश का आरोप लगाया है। तब से ही TMC के कार्यकर्ता इसे लेकर आक्रामक मोड में हैं। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि वोटर रजिस्ट्रेशन फॉर्म-6 के जरिए बड़े स्तर पर गड़बड़ी की जा रही है। उनका कहना है कि हजारों की संख्या में ऐसे फॉर्म जमा किए गए हैं, जो राज्य के असली मतदाताओं से जुड़े नहीं हैं। उन्होंने इस पूरे मामले का वीडियो भी शेयर किया और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने क्या कहा?
जबकि मुख्य चुनाव अधिकारी पहले भी ये साफ कर चुके हैं कि उनके दफ्तर में किसी भी मतदाता का नाम जोड़ने या हटाने के लिए कोई सॉफ्टवेयर नहीं है। फॉर्म-6 पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने या किसी मतदाता को एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित करने के लिए भरा जाता है।
यह भी पढ़ें-