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सोशल मीडिया पर 'विवादास्पद' पोस्ट के आरोप में दो डिप्टी कमिश्नर सस्पेंड, जानिए क्या था पूरा मामला

 Published : Jul 11, 2026 12:49 pm IST,  Updated : Jul 11, 2026 12:56 pm IST

सोशल मीडिया पर 'विवादास्पद' कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में कोलकाता पुलिस के दो डिप्टी कमिश्नरों को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक आंतरिक समीक्षा के बाद की गई, जिसमें सोशल मीडिया गतिविधि से जुड़े नियमों का उल्लंघन पाया गया।

कोलकाता पुलिस- India TV Hindi
कोलकाता पुलिस (सांकेतिक तस्वीर) Image Source : PTI

सोशल मीडिया पर 'विवादित' कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में कोलकाता पुलिस के दो उपायुक्तों (डिप्टी कमिश्नरों) को निलंबित कर दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह कार्रवाई एक आंतरिक समीक्षा के बाद की गई, जिसमें दोनों पुलिस अधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया गतिविधि से जुड़े नियमों का उल्लंघन पाया गया।

अधिकारी ने  कहा, 'पुलिसकर्मियों, विशेष रूप से वरिष्ठ अधिकारियों को सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ऐसी किसी भी सामग्री की नियमों के अनुसार जांच की जाती है जिससे जनता की धारणा या पुलिस बल की छवि पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।' 

उन्होंने बताया कि निलंबित अधिकारियों में पुलिस उपायुक्त-तृतीय (उत्तर मंडल) विधान साहा और पुलिस उपायुक्त (बंदरगाह मंडल-द्वितीय) पार्थ प्रतिम दास शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि दोनों अधिकारियों का निलंबन 2025 में पुलिस के एक 'व्हाट्सऐप' समूह में उनकी कथित टिप्पणियों से जुड़ा है।

अधिकारी के अनुसार, 'निलंबित अधिकारियों में से एक ने शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शुभेंदु उस समय नेता प्रतिपक्ष थे और वह अब मुख्यमंत्री हैं। दूसरे अधिकारी ने उन टिप्पणियों का कथित तौर पर समर्थन किया था।' शिकायतें मिलने के बाद कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और इसके बाद दोनों अधिकारियों को निलंबित करने का फैसला किया। अधिकारी ने कहा, 'दोनों अधिकारियों के खिलाफ आगे विभागीय कार्यवाही की जाएगी।' 

कमिश्नर अजय कुमार नंद की चेतावनी के बाद बड़ी कार्रवाई

सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई ऐसे समय की गई है, जब हाल में कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद ने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर कोई बयान देने या सामग्री पोस्ट करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी थी। नंद ने अधिकारियों से कहा था कि पुलिस बल के किसी सदस्य की अनुचित टिप्पणी का समाज पर असर पड़ सकता है। उन्होंने अधिकारियों को ऑनलाइन मंचों का इस्तेमाल करते समय संयम बरतने का निर्देश दिया था।

CISF जवान रेप के आरोप में गिरफ्तार

आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल की सुरक्षा में तैनात एक CISF जवान पर युवती से बार-बार रेप का गंभीर आरोप लगा था। आरोपी की पहचान मोहम्मद पारुल अहमद के रूप में हुई है। असम का रहनेवाला ये CISF कर्मचारी आर जी कर में ड्यूटी पर था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता की मां का इलाज आर जी कर मेडिकल कॉलेज में चल रहा था, तभी दोनों की जान-पहचान हुई। आरोपी ने युवती को होटल में बुलाकर पिछले 8 जून को दुष्कर्म किया, आपत्तिजनक वीडियो बनाए और फिर ब्लैकमेल कर कई बार रेप किया। 

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