धूपगुड़ी, पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले की प्रमुख विधानसभा सीट है। यह निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जाति यानी SC वर्ग के उम्मीदवारों के लिए रिजर्व है। धूपगुड़ी विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनाव की बात करें तो यह सीट पारंपरिक तौर पर वामपंथ का गढ़ रही थी, लेकिन पिछले दशक में TMC और BJP के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है।
धूपगुड़ी विधानसभा क्षेत्र के 2023 में BJP के विधायक बिष्णु पद रे के निधन के बाद सितंबर, 2023 में उपचुनाव हुआ था। इसमें टीएमसी के निर्मल चंद्र रॉय ने बीजेपी की तापसी रॉय को 4 हजार 309 वोटों से हराकर सीट वापस जीत ली थी। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के बिष्णु पद रे ने TMC की मिताली रॉय को 4 हजार 355 मतों के अंतर से हरा दिया था। हालांकि, उससे पहले 1977 से 2011 तक यहां लगातार CPM का कब्जा रहा।
धूपगुड़ी विधानसभा क्षेत्र में धूपगुड़ी नगरपालिका और धूपगुड़ी ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतें जैसे- गडोंग, साकोयाझोरा, झारलतग्राम और मागुरमारी शामिल हैं। यह इलाका नई जलपाईगुड़ी-कूच बिहार रेलवे लाइन और कई स्टेट हाईवे के माध्यम से जुड़ा हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, धूपगुड़ी विधानसभा क्षेत्र में करीब 2.51 लाख रजिस्टर्ड वोटर हैं। 2023 के उपचुनाव में यहां करीबन 76 फीसदी वोटिंग हुई थी। यहां राजबंशी समुदाय की आबादी अहम है, जिनका यहां की संस्कृति और भाषा पर गहरा असर है।
धूपगुड़ी विधानसभा सीट के लोगों की आजीविका मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है। यहां आलू, जूट और धान की खेती ज्यादा होती है। हाल के साल में यहां स्वास्थ्य केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ोतरी हुई है, हालांकि उच्च स्तरीय सेवाओं के लिए यहां के लोगों को अब भी जलपाईगुड़ी या सिलीगुड़ी पर निर्भर रहना पड़ता है। आगामी विधानसभा चुनाव में वर्तमान राजनीतिक रुझान इशारा करते हैं कि यहां TMC, BJP और लेफ्ट के बीच त्रिकोणीय मुकाबला दिख सकता है।
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