पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में स्थित दुर्गापुर पूर्व (Durgapur Purba) विधानसभा सीट राज्य की प्रमुख औद्योगिक और शहरी सीटों में से एक है। यह बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। दुर्गापुर पूर्व विधानसभा सीट में कांकसा ब्लॉक के अमलाजोरा, गोपालपुर और मोलंदिघी ग्राम पंचायतों को शामिल करती है।यह सीट दुर्गापुर स्टील प्लांट और कोयला खदानों के कारण जानी जाती है। दुर्गापुर पूर्व सीट मुख्य रूप से शहरी है, जहां 2011 की जनगणना के अनुसार कुल आबादी करीब 5.67 लाख (दुर्गापुर शहरी समूह) है, जिसमें पुरुष 52 प्रतिशत और महिलाएं 48 प्रतिशत हैं।
जातीय दृष्टि से यहां बंगाली हिंदुओं की बहुलता है, लेकिन औद्योगिक शहर होने के कारण बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए हिंदी भाषी प्रवासी मजदूरों की अच्छी-खासी संख्या है। अनुसूचित जाति (SC) मतदाताओं की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण है, जो कुल आबादी का 30% से अधिक हो सकती है।
दुर्गापुर पूर्व सीट पर राजनीतिक लड़ाई मुख्य रूप से टीएमसी, सीपीआई(एम) और भाजपा के बीच रही है। यहां पिछले तीन विधानसभा चुनावों (2011, 2016 और 2021) के नतीजों में नजर डालें तो यहां से दो बार टीएमसी और एक बार सीपीआई(एम) के नेता की जीत हुई है।
2011 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी के उम्मीदवार डॉक्टर निखिल कुमार बनर्जी ने जीत हासिल की। उन्हें 87,050 वोट (50.32%) मिले, जबकि सीपीआई(एम) की अल्पना चौधरी को 78,484 वोट (45.37%) मिले। भाजपा के लक्ष्मण घोरुई तीसरे स्थान पर रहे (7,449 वोट)। टीएमसी ने इस सीट पर सीपीआई(एम) के उम्मीदवार को हराया था।
2016 के विधानसभा चुनाव में सीपीआई(एम) के संतोष देब्रे की जीत हुई थी। उन्हें 84,200 वोट (44.21%) मिले, जबकि टीएमसी के प्रदीप मजुमदार को 75,069 वोट (39.42%) मिले। भाजपा के अखिल मंडल 23,302 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी के प्रदीप मजुमदार ने जीत दर्ज की थी। उन्हें 79,303 वोट (41.16%) मिले, जबकि भाजपा के कर्नल दीप्तांसु चौधरी को 75,557 वोट (39.21%) मिले। मार्जिन महज 3,746 वोट (1.97%) का था। सीपीआई(एम) के अभाष राय चौधरी 29,063 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
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