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'बंगाल की मौजूदा वोटर लिस्ट में 26 लाख वोटर्स के नाम 2002 की सूची से मेल नहीं खाते', चुनाव आयोग का बड़ा दावा

 Edited By: Subhash Kumar
 Published : Nov 27, 2025 06:51 am IST,  Updated : Nov 27, 2025 07:00 am IST

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में जारी SIR की प्रक्रिया के बीच जानकारी दी है कि राज्य में मौजूदा मतदाता सूची में 26 लाख मतदाताओं के नाम 2002 की सूची से मेल नहीं खाते। आइए जानते हैं पूरा मामला।

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पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट का रीविजन जारी। (फाइल फोटो) Image Source : PTI

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की ओर से वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR अभियान चलाया जा रहा है। सीएम ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस प्रक्रिया का विरोध किया जा रहा है। वहीं, राज्य में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी इसके समर्थन में है। इस प्रक्रिया के बीच चुनाव आयोग की ओर से एक बड़ा जानकारी सामने रखी गई है। आयोग ने बताया है कि पश्चिम बंगाल की मौजूदा वोटर लिस्ट में करीब 26 लाख वोटर्स के नाम 2002 की वोटर लिस्ट से मेल नहीं खा रहे हैं।

कैसे हुआ विसंगति का खुलासा?

एक अधिकारी ने बुधवार को इस इस बारे में जानकारी दी है। अधिकारी ने बताया है कि पश्चिम बंगाल में नवीनतम वोटर लिस्ट की तुलना जब पिछली SIR प्रक्रिया के दौरान साल 2002 और 2006 के बीच विभिन्न राज्यों में तैयार की गई लिस्ट से की गई तब जाकर वोटर लिस्ट की ये विसंगति सामने आई है। निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, राज्य में वर्तमान में जारी SIR की प्रक्रिया के तहत बुधवार दोपहर तक पश्चिम बंगाल में छह करोड़ से अधिक गणना प्रपत्र अपलोड कर दिए गए थे।

अधिकारी ने बताया है- "पोर्टल पर अपलोड होने के बाद, इन प्रपत्रों को ‘मैपिंग’ प्रक्रिया के तहत लाया जाता है, जहां इनका मिलान पिछले एसआईआर रिकॉर्ड से किया जाता है। शुरुआती निष्कर्षों से पता चलता है कि पश्चिम बंगाल में लगभग 26 लाख मतदाताओं के नामों का मिलान अब भी पिछले एसआईआर चक्र के आंकड़ों से नहीं किया जा सका है।"

पश्चिम बंगाल में कब तक चलेगा SIR?

चुनाव आयोग ने हाल ही में जानकारी दी थी कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दूसरे चरण का आयोजन पश्चिम बंगाल समेत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किया जाएगा, जहां अगले साल चुनाव होने है। SIR की प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगी। मतदाता सूची का मसौदा 9 दिसंबर को जारी किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। (इनपुट: भाषा)

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