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ब्राजील में रीयल में नन्हें बच्चों जैसे दिखने वाले डॉल को लेकर क्यों छिड़ी बहस? जानिए पूरा मामला

 Published : May 30, 2025 05:06 pm IST,  Updated : May 30, 2025 05:22 pm IST

हाइपर-रियलिस्टिक बेबी डॉल के साथ भावनात्मक क्षणों को दर्शाने वाले वीडियो ने ब्राज़ील में राजनीतिक बहस को जन्म दिया है, यहां तक कि कानून निर्माताओं ने डॉल को विधानसभाओं में भी लाया है।

रीयल में नन्हें...- India TV Hindi
रीयल में नन्हें बच्चों जैसे दिखने वाले डॉल Image Source : AP

साओ पाउलोः ब्राजील में रीयल में नन्हें बच्चों जैसे दिखने वाले टॉय (गुड़िया) चर्चा का विषय बन गए हैं। सिलिकॉन अथवा विनाइल से बचे बेबीज टॉयज (खिलौने) को बहुत से लोग अपने बच्चों की तरह पाल रहे हैं। ये गुड़िया या गुड्डे देखने में एकदम नन्हें बच्चों जैसे लगते हैं लेकिन हकीकत में होते नहीं है। रीयल में छोटे-छोटे बच्चों जैसे दिखने वाले इन खिलौनों का क्रेज इतना बढ़ गया है कि लोग इन्हें लेकर शॉपिंग मॉल से लेकर पार्कों तक जा रहे हैं।

छोटे बच्चे जैसे दिखने वाले डॉल को लेकर देखी जा रही दीवानगी

ब्राजील के लोगों में रीयल बच्चों जैसे दिखने वाले खिलौने को लेकर इतनी दीवानगी है कि वे टॉयज को नहला रहे हैं और यहां तक अपने पास लेकर सो भी रहे हैं। इमोशनल मोमेंट्स पैदा करने वाले खिलौनों के फोटोज और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। 

रीयल में नन्हें बच्चों जैसे दिखने वाले डॉल
Image Source : APरीयल में नन्हें बच्चों जैसे दिखने वाले डॉल

 खिलौने को लेकर छिड़ी बहस

भावनात्मक क्षणों को दर्शाने वाले बेबी डॉल देश में आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। रीयल में नन्हें बच्चों जैसे दिखने वाले डॉल को लेकर नेता विधानसभाओं में लेकर पहुंचे। इसे लेकर राजनीतिक बहस भी छिड़ गई है। 

 

रीयल में नन्हें बच्चों जैसे दिखने वाले डॉल
Image Source : APरीयल में नन्हें बच्चों जैसे दिखने वाले डॉल

गुड़िया बनाने वालों को सम्मानित करने की मांग

रियो डी जेनेरियो में नगर परिषद ने इंसानी बच्चों जैसे दिखने वाली गुड़िया बनाने वालों को सम्मानित करने के लिए एक विधेयक पारित किया है। इस पर मेयर एडुआर्डो पेस के हस्ताक्षर होने बाकी हैं। इस बीच, देश भर में अन्य जगहों पर विधायकों ने ऐसी गुड़िया के लिए चिकित्सा सहायता लेने वालों के लिए जुर्माने पर बहस की है। कथित तौर पर एक वीडियो में एक महिला को एक गुड़िया को अस्पताल ले जाते हुए दिखाया गया है।

रीयल में नन्हें बच्चों जैसे दिखने वाले डॉल
Image Source : APरीयल में नन्हें बच्चों जैसे दिखने वाले डॉल

विधानसभा में डॉल लेकर पहुंचे विधायक

अमेज़ोनस के विधायक जोआओ लुइज़ विधानसभा में इंसानी बच्चों जैसे दिखने वाली गुड़िया को लेकर पहुंचे। ताकि अस्पतालों में गुड़िया के इलाज पर प्रतिबंध लगाने की योजना की घोषणा की जा सके। हालांकि, स्थानीय मीडिया ने बताया कि स्वास्थ्य अधिकारियों ने कभी भी ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं किया है। 

124 से लेकर 1800 डॉलर है डॉल की कीमत

आठ गुड़िया की मालिकिन बेरेनिस मारिया का कहना है कि ये भावनात्मक आराम प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा, "मुझे रीबॉर्न बहुत पसंद हैं, भले ही हम बाहर कितनी भी नफरत क्यों न देखें। मैं उनके साथ बाहर जाने का अधिकार चाहती हूँ। मैं इन्हें लेक मॉल और पार्क जाना चाहती हूं। साओ पाउलो में रीबॉर्न डॉल शॉप के मालिक डेनिएला बैकन ने कहा कि डॉल 700 रीसिस ($124) से लेकर लगभग 10,000 रीसिस (लगभग $1,800) तक बिकती हैं।

इनपुट- एपी

 

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