Iran-Israel War LIVE: ईरान-इजरायल युद्ध में अब खुले तौर पर अमेरिका भी आ गया है। अमेरिका ने ईरान की तीन न्यूक्लियर साइट्स पर हमला कर दिया है। इस हमले की जानकारी खुद राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी है। अमेरिका ने ईरान की जिन तीन न्यूक्लियर साइट पर हमला किया है, ये साइट फोर्डो, नतांज, एस्फाहान हैं। जहां अमेरिका की तरफ से बमबारी की गई है। फोर्डो में अमेरिका की तरफ से बमों का पूरा पेलोड गिरा दिया गया है। इसके बाद ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन किया है।
भारत ने रविवार को कुछ सोशल मीडिया हैंडल के उन दावों को ‘‘फर्जी’’ बताकर खारिज किया जिनमें कहा गया था कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के खिलाफ हमले करने के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किया। पीआईबी फैक्ट चेक ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कई सोशल मीडिया अकाउंट ने दावा किया है कि ऑपरेशन ‘मिडनाइट हैमर’ के दौरान ईरान के खिलाफ हमलों के लिए अमेरिका ने भारतीय हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किया। यह दावा फर्जी है।’’ पीआईबी की फैक्ट चेक इकाई ने कहा, “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के दौरान अमेरिका द्वारा भारतीय हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं किया गया।”
अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान में अमेरिकी हवाई हमलों के बाद संभावित ईरानी जवाबी कार्रवाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच लेबनान में अमेरिकी दूतावास के गैर-जरूरी कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों को देश छोड़ने का निर्देश दिया है। रविवार को जारी एक सुरक्षा अलर्ट में, विभाग ने इस निर्णय के लिए क्षेत्र में "अस्थिर और अप्रत्याशित" स्थिति का हवाला दिया।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को कहा कि अगला कदम ईरानी सरकार पर निर्भर है। रुबियो ने सीबीएस के ‘फेस द नेशन’ पर कहा, “अगर शासन शांति चाहता है, तो हम शांति के लिए तैयार हैं। अगर वे कुछ और करना चाहते हैं, तो वे बिल्कुल असुरक्षित हैं। वे अपने स्वयं के हवाई क्षेत्र की भी रक्षा नहीं कर सकते।” रुबियो ने ईरान को क्षेत्र के उन देशों पर हमलों के खिलाफ भी चेतावनी दी, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं। उन्होंने कहा, “यही कारण है कि वे (अमेरिकी सेना) वहां हैं। ये सभी ठिकाने वहां इसलिए हैं क्योंकि उन देशों को डर है कि ईरान उन पर हमला करेगा।” रुबियो ने कहा, “अमेरिकी अड्डे इसलिए हैं क्योंकि वे देश डरे हुए हैं।”
अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला करके उसके परमाणु कार्यक्रम को काफी पीछे धकेल दिया है। वेंस ने एक टेलीविजन साक्षात्कार में कहा कि ‘‘जमीन पर जो कुछ भी हमने देखा है, उससे जुड़ी संवेदनशील खुफिया जानकारी’’ पर वह चर्चा नहीं करेंगे, लेकिन उन्हें ‘‘इस बात का पूरा विश्वास है कि हमने उनके परमाणु हथियार विकसित करने की प्रक्रिया को काफी हद तक धीमा कर दिया है।’’
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ ‘‘युद्ध नहीं चाहता है’’। हेगसेथ और ‘ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ’ के अध्यक्ष एयरफोर्स जनरल डैन केन ने पेंटागन में कहा कि इस मिशन का नाम "ऑपरेशन मिडनाइट हैमर" था। उन्होंने कहा कि इसमें दुश्मन को भ्रम में डालने की रणनीति और नकली लक्ष्य इस्तेमाल किए गए तथा इसे ईरान की ओर से किसी प्रतिरोध का सामना नहीं करना पड़ा। हेगसेथ ने कहा, ‘‘यह मिशन सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं था और न ही है।’’ केन ने कहा कि अभियन का लक्ष्य - फोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान में परमाणु स्थलों को नष्ट करना था और इसे हासिल कर लिया गया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के शांतिपूर्ण तरीके से संचालित हो रहे परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला कर संयुक्त राष्ट्र घोषाणा पत्र, अंतरराष्ट्रीय कानून और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का ‘‘गंभीर उल्लंघन’’ किया है। उन्होंने कहा, ‘‘आज सुबह की घटनाएं अपमानजनक हैं और इनके दीर्घकालिक परिणाम होंगे। संयुक्त राष्ट्र के प्रत्येक सदस्य को इस अत्यंत खतरनाक, अराजक और आपराधिक व्यवहार से चिंतित होना चाहिए।’’ ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम की खबर के अनुसार, विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश अपनी ‘‘संप्रभुता, हित और लोगों’’ की रक्षा के लिए ‘‘सभी विकल्प’’ सुरक्षित रखे हुए है। अरागची ने कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए मॉस्को जा रहे हैं। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि अमेरिकी हमले ने ईरान को आत्मरक्षा में कार्रवाई करने का वैध अधिकार दिया है, जिसमें ‘‘आक्रामक गठबंधन के आकलन से भी परे जाने का विकल्प’’ भी शामिल हैं।
रूस ने रविवार को ईरान में तीन परमाणु ठिकानों पर "गैर-जिम्मेदार" अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की। रूस ने कहा कि यह अंतर्राष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और यूएनएससी प्रस्तावों का "घोर उल्लंघन" करता है। एक बयान में, रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, "किसी संप्रभु राज्य के क्षेत्र को मिसाइल और बम हमलों के अधीन करने का गैर-जिम्मेदार निर्णय, चाहे जो भी तर्क इस्तेमाल किए जाएं, अंतर्राष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का घोर उल्लंघन करता है, जिसने पहले इस तरह की कार्रवाइयों को स्पष्ट रूप से अस्वीकार्य बताया था।"
चीन की आधिकारिक मीडिया ने रविवार को ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी बमबारी की आलोचना की। चीनी मीडिया ने इसे रसातल की ओर उठाया गया एक और कदम बताया। वहीं, चीनी विशेषज्ञों ने कहा कि हमलों में इस्तेमाल किये गए अमेरिकी ‘बंकर-बस्टर’ बम ईरान के भूमिगत परमाणु संयंत्रों को नष्ट करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते हैं।
फ्रांस के विदेश मंत्री जे. नोएल बरोट ने कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमले में उनका देश शामिल नहीं था। बरोट ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि फ्रांस को ईरान के तीन परमाणु ठिकानों के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की ‘‘चिंताजनक जानकारी’’ मिली है। फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘फ्रांस न तो इन हमलों में शामिल था और न ही ऐसा करने की उसकी कोई योजना है।’’ उन्होंने कहा कि फ्रांस ‘‘दोनों पक्षों से संयम बरतने का आग्रह करता है, ताकि तनाव बढ़ने से बचा जा सके।’’
रूसी मीडिया आउटलेट के एक सवाल का जवाब देते हुए, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वह ईरान की परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए रविवार को मॉस्को की यात्रा करेंगे। रूस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "हम एक रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं और नियमित रूप से अपने पदों पर परामर्श और समन्वय करते हैं।"
पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से बात की। उन्होंने एक्स पर लिखा, "हमने मौजूदा स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा की। हाल ही में हुई तनातनी पर गहरी चिंता व्यक्त की। आगे बढ़ने के लिए तत्काल तनाव कम करने, बातचीत और कूटनीति के लिए अपना आह्वान दोहराया और क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता की जल्द बहाली की बात कही।"
इजरायल ने कहा है कि उसने ईरान के देजफुल हवाई अड्डे पर दो लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया। एफ-5 लड़ाकू विमान ईरान के पुराने लड़ाकू विमानों के बेड़े का हिस्सा हैं। इजरायल ने ब्लैक एंड व्हाइट फुटेज जारी की है, जिसमें एक विमान नष्ट होते हुए देखा गया है।
कतर में जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में सरकार के प्रोफेसर मेहरान कामरावा ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका द्वारा रातभर किए गए हमलों के बाद ईरान किस तरह की प्रतिक्रिया देगा? कामरावा ने अल जजीरा से कहा, 'मिडिल ईस्ट क्षेत्र अमेरिकी सैन्य ठिकानों से भरा हुआ है। यहां 40,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक हैं। मैंने एक बार एक ईरानी कमांडर को यह कहते हुए सुना था, ‘इसका मतलब है कि 40,000 लक्ष्य हैं जिन्हें हम निशाना बना सकते हैं’।'
मिसाइलों की बौछार के कारण इजरायली एयरलाइनों ने उड़ानें स्थगित कर दीं हैं। इजरायल की सबसे बड़ी एयरलाइन्स, एल अल, इजरायल एयरलाइंस, अर्किया और इसरेयर ने कहा कि वे अगली सूचना तक लोगों को देश में वापस लौटने की अनुमति देने वाली उड़ानें स्थगित कर देंगी। एल अल ने यह भी कहा कि वह 27 जून तक अपनी निर्धारित उड़ानों को रद्द करने की अवधि को बढ़ाएगी।
दि न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ईरान द्वारा मिसाइल दागे जाने के बाद इजरायल के हाइफा शहर में एक बचावकर्मी बच्चों को वहां से निकाल रहा है। ईरान ने आज ही इजरायल के कई शहरों में मिसाइले दागी हैं। इजरायल के कई शहरों में सायरन बज रहे हैं।

परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले से बौखलाए ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों की बरसात कर दी है। उत्तरी इजरायल में सायरन गूंज रहे हैं और ईरानी मिसाइलों की बौछार रही है।
न्यूक्लियर साइट पर हुए हमले के बाद भारत में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉरम 'एक्स' पर लिखा, 'हाल के दिनों में दुश्मन द्वारा किए गए क्रूर हमलों के बाद आज सुबह, फोर्डो, नतांज़ और इस्फ़हान में देश के परमाणु स्थलों पर बर्बर आक्रमण किया गया। जो अंतर्राष्ट्रीय कानूनों, विशेष रूप से एनपीटी का उल्लंघन है। यह कार्रवाई जो अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करती है। दुर्भाग्य से अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की उदासीनता - और यहां तक कि मिलीभगत के तहत हुई है। अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर साइटों पर हमलों की जिम्मेदारी ली है, जो सुरक्षा समझौते और एनपीटी के अनुसार निरंतर IAEA निगरानी में हैं।'
ईरान की परमाणु एजेंसी ने रविवार को पुष्टि की कि उसके फोर्डो, इस्फहान और नतांज परमाणु केन्द्रों पर हमले हुए हैं। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने एक बयान जारी कर कहा कि ईरान का परमाणु ऊर्जा संगठन राष्ट्र को आश्वासन देता है कि अपने दुश्मनों की बुरी साजिशों के बावजूद वह अपने हजारों क्रांतिकारी और प्रतिबद्ध वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों के प्रयासों से उठ खड़ा होगा।
अमेरिका का ईरान पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट के एक और देश ने अमेरिका के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है। यमन आधिकारिक तौर पर युद्ध में प्रवेश करेगा। यमन के हूतियों ने अमेरिका पर जंग का ऐलान किया है।
ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिका को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकियों को पहले से कहीं अधिक क्षति और आघात की हमले की उम्मीद करनी चाहिए।
इजरायल अब ईरान पर हमला करना बंद कर देगा। इजरायली मीडिया के हवाले से ये बड़ी खबर सामने आई है। आज ही अमेरिका ने ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट पर हमला किया है। इसके बाद इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप को धन्यवाद किया।
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे विवाद के बीच भारत ईरान से अपने सभी नागरिकों को निकाल रहा है। शनिवार को ऑपरेशन सिंधु के तहत ईरान से 290 भारतीय नागरिकों को लेकर छठी विशेष उड़ान दिल्ली पहुंची। ईरान से भारतीय छात्रों का एक छत्था वापस आया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'अभी ये ध्यान रखना होगा कि अभी हमारे कई टारगेट बचे हैं। आज रात का हमला अब तक का सबसे कठिन और शायद सबसे घातक था। लेकिन अगर ईरान और इजरायल के बीच शांति जल्दी नहीं आती है, तो हम सटीकता, गति और कौशल के साथ उन अन्य टारगेटों पर फिर हमला करेंगे। उनमें से अधिकांश को कुछ ही मिनटों में नष्ट किया जा सकता है।'
ट्रंप ने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री नेतन्याहू को धन्यवाद देता और बधाई देता हूं। हमने एक टीम के रूप में काम किया जैसा शायद पहले किसी टीम ने नहीं किया। हम इस भयानक खतरे को मिटाने में बहुत आगे बढ़ गए हैं। मैं इजरायली सेना को उनके द्वारा किए गए शानदार काम के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। सबसे महत्वपूर्ण बात मैं उन महान अमेरिकी देशभक्तों को बधाई देना चाहता हूं, जिन्होंने आज रात उन शानदार मशीनों को उड़ाया और अमेरिका की पूरी सेना को एक ऐसे ऑपरेशन के लिए बधाई देना चाहता हूं, जिसे दुनिया ने कई दशकों में नहीं देखा है।'
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की तीन न्यूक्लियर साइट पर हमला किया है। राष्ट्र के नाम संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'हमारा उद्देश्य ईरान की न्यूक्लियर साइट को नष्ट करना और दुनिया के नंबर एक आतंकवाद प्रायोजक देश द्वारा उत्पन्न परमाणु खतरे को रोकना था। आज रात मैं दुनिया को बता सकता हूं कि ये हमले एक शानदार सैन्य सफलता थी। ईरान की प्रमुख न्यूक्लियर साइट पूरी तरह से नष्ट कर दी गई हैं।'
राष्ट्र के नाम संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पिछले 40 सालों से कर धमाके कर रहा था। अभी भी कई टार्गेट बचे हैं। इनको भी तबाह कर दिया जाएगा।
ईरान पर हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी सेना की तारीफ की है। साथ ही ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को धन्यवाद किया है।
अमेरिका द्वारा ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट पर हुए हमले को लेकर बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इससे इतिहास बदलेगा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप का फैसला बेहद साहसिक है।
ईरान ने भी खुले तौर पर अमेरिका को धमकी दी है। सरकारी टेलीविजन पर ईरान की ओर से कहा गया कि अमेरिकी सेना और वहां के नागरिक अब हमारे टार्गेट पर हैं।
अमेरिका द्वारा ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट पर हमले के बाद बेंजामिन नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत हुई है। दोनों ही शीर्ष नेताओं के बीच ईरानी न्यूक्लियर साइट पर किए गए हमले को लेकर ये बातचीत हुई है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका युद्ध में शामिल हुआ तो बेहद खतरनाक होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले की पुष्टि की है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'हमने ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर अपना बहुत सफल हमला पूरा कर लिया है, जिसमें फोर्डो, नतांज और एस्फाहान शामिल हैं। सभी विमान अब ईरान के हवाई क्षेत्र से बाहर हैं। प्राथमिक स्थल, फोर्डो पर बमों का पूरा पेलोड गिराया गया। सभी विमान सुरक्षित रूप से वापस लौट रहे हैं।' ट्रंप ने कहा कि दुनिया में कोई दूसरी सेना नहीं है, जो ऐसा कर सकती थी। अब शांति का समय है!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मैं ईरान में हमारे बहुत सफल सैन्य अभियान के बारे में व्हाइट हाउस में रात 10:00 बजे (भारतीय समयानुसार 7:30 बजे) राष्ट्र के नाम एक संबोधन करूंगा। यह अमेरिका, इजरायल और दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। ईरान को अब इस युद्ध को समाप्त करने के लिए सहमत होना चाहिए।'
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