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होर्मुज को लेकर बढ़ी तकरार, ईरान का कंट्रोल नहीं होने देंगे, यह बहुत खतरनाक होगा-मार्को रुबियो

 Written By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Jul 22, 2026 05:26 pm IST,  Updated : Jul 22, 2026 07:03 pm IST

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने साफ कहा है कि, होर्मुज पर ईरान का कंट्रोल कभी नहीं होना चाहिए। जानिए मार्को रुबियो ने क्या क्या कहा?

होर्मुज को लेकर जिद पर अड़े अमेरिका-ईरान- India TV Hindi
होर्मुज को लेकर जिद पर अड़े अमेरिका-ईरान

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और ईरान जिद पर अड़े हुए हैं, जिसने पूरी दुनिया की चिंता को फिर से बढ़ा दिया है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान को होर्मुज पर नियंत्रण की अनुमति देना अंतरराष्ट्रीय व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता के लिए एक बेहद खतरनाक कदम होगा। उन्होंने ईरान पर पिछले महीने अमरीका के साथ हुई वार्ता में किए गए वादों को निभाने में विफल रहने का आरोप लगाया। अमरीका कूटनीति के प्रति प्रतिबद्ध है और ईरान के साथ वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने के लिए तैयार है।


AP की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप का कहना है कि जब भी ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में किसी जहाज पर गोली चलाएगा, तो अमेरिका वहां ईरान का कोई पुल या बिजली संयंत्र नष्ट कर देगा।

होर्मुज खुला रहना चाहिए-मार्को रुबियो
उन्होंने कहा कि ईरान ने बातचीत के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों माध्यमों से अमेरिका से संपर्क किया था। होर्मुज खुला रहना चाहिए, चेतावनी देते हुए रुबियो ने कहा कि किसी भी देश को बलपूर्वक किसी अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर नियंत्रण करने की अनुमति देना वैश्विक व्यापार को कमजोर करेगा। रूबियो ने कहा, कई नेताओं ने ईरान के खिलाफ़ अमेरिका-इज़राइल युद्ध और होर्मुज के बंद होने से पैदा होने वाले वैश्विक ऊर्जा संकट पर गंभीर चिंता जताई है।

रुबियो ने ईरान को लेकर क्या कहा
रूबियो ने कहा, "अगर हम मध्य पूर्व में ऐसी मिसाल कायम करते हैं जहां कोई देश यह तय कर सके कि वह किसी अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को नियंत्रित करेगा, टोल वसूलेगा और अगर आप भुगतान नहीं करते हैं तो आपके जहाजों को उड़ा देगा, तो हम एक बहुत खतरनाक मिसाल कायम करेंगे जो दुनिया के अन्य हिस्सों में, जिसमें यह क्षेत्र भी शामिल है, दोहराई जाएगी और मुझे नहीं लगता कि MoU में ऐसा कहा गया है, और हमने शुरू से ही इसका ऐसा मतलब नहीं निकाला है। MoU उन्हें कमर्शियल शिपिंग जहाज़ों पर ड्रोन और मिसाइल दागने का अधिकार नहीं देता है। हम ईरान के साथ किसी समझौते पर पहुंचना चाहेंगे।"

खाड़ी में बढ़ता जा रहा है तनाव
सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर एशिया जा रहे दो ऑयल टैंकरों को मंगलवार को लाल सागर में ही वापस लौटना पड़ा, क्योंकि यमन के हूथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान कर दिया था। लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ने वाली बाब अल-मंदेब जलसंधि के बंद होने से ग्लोबल ट्रेड रूट पर दबाव बढ़ गया है। पहले से ही होर्मुज में ईरान को लेकर चल रहे तनाव के कारण रुकावटें आ रही हैं। अमेरिका ने ईरान पर हमलों का 11वां दौर पूरा करने का ऐलान किया है। इसके जवाब में तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया।

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