काबुल: अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने पाकिस्तान की जबर्दस्त आलोचना की है। उन्होंने अपने पड़ोसी मुल्क पर निशाना साधते हुए उसे अपने मुल्क में भीषण कातिलाना हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही गनी ने पाकिस्तान पर तालिबान को शरण देने का भी गंभीर आरोप लगाया है। टीवी पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में अफगान राष्ट्रपति ने कहा कि तालिबान के आतंकवाद का केंद्र पाकिस्तान में है। यह अफगानी राष्ट्रपति द्वारा पाकिस्तान पर बहुत बड़ा हमला माना जा रहा है।
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उन्होंने पड़ोसी देश की सरकार से आतंकवादियों को अपने क्षेत्र से खत्म करने के लिए कुछ ठोस कार्रवाई दिखाने को कहा। गनी ने अनुरोध किया कि तालिबान के जो लोग सरकार के साथ शांति वार्ता करना चाहते हैं, उन्हें जंग का रास्ता अख्तियार करने वालों से अलग हो जाना चाहिए। बुधवार को अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान का दौरा किया और पाकिस्तान में ‘आतंकी प्रशिक्षण केंद्रों से होने वाले तालिबान हमलों के सबूत’ सौंपे। अफगानिस्तान के खुफिया प्रमुख मासूम स्तानिकजई और गृह मंत्री वईस अहमद बरमाक ने गिरफ्तार आतंकवादियों से प्राप्त दस्तावेज और कबूलनामा सौंपे जिनके बारे में उनका दावा है कि उन्हें पाकिस्तान में प्रशिक्षण मिला है।
अफगानिस्तान के दस्तावेजों की समीक्षा के बाद इस्लामाबाद के जवाब के साथ पाकिस्तानी विदेश सचिव तहमीना जंजुआ वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों के साथ कल काबुल का दौरा करेंगी। काबुल और इस्लामाबाद आतंकियों को पनाह देने के लिए अक्सर एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं। गौरतलब है कि पिछले महीने अफगानिस्तान में भीषण आतंकी हमलों में सैकडों लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है।