लाहौर: मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद अब ऊर्दू अखबारों में कॉलम लिखकर भारत के खिलाफ नफरत की आग उगल रहा है। वह अपने कॉलम में कश्मीर के साथ ही 1971 में बांग्लादेश को गठन को लेकर विष वमन कर रहा है। रविवार को डेली दुनिया ऊर्दू अखबार में उसका कॉलम प्रकाशित हुआ जिसका शीर्षक था 'पूर्वी पाकिस्तान में भारत का अवैध अतिक्रमण... क्यों पाकिस्तान कश्मीरी लोगों की बात उठाने से बच रहा है'। इस लेख के लेखक के तौर पर हाफिज सईद का नाम प्रकाशित किया गया है।
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इस लेख के साथ भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तस्वीर और ढाका में कुछ युवाओं के हाथ में बंदूक वाली तस्वीर प्रकाशित हुई है। एक प्रतिबंधित आतंकी समूह के प्रमुख द्वारा एक जानेमाने मीडिया हाउस के लिए इस तरह से खुलेआम लिखने पर पाकिस्तान में पत्रकारों के बीच भी बहस छिड़ गई है। तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोग इसे डेली दुनिया अखबार के मालिकों से हाफिज सईद के सीधे जुड़ाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं तो कुछ लोग इसे अखबार के मालिक पर दबाव की बात कह रहे हैं।
पाकिस्तान की अदालत ने पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अथॉरिटी को निर्देश दिया था कि पाकिस्तान के मीडिया हाउस हाफिज सईद की तस्वीर प्रकाशित नहीं करें। सईद ने अपने कॉलम में इंदिरा गांधी पर पाकिस्तान को तोड़ने की साजिश करने का आरोप लगाया है और तत्तकालिन पाकिस्तानी शासकों को उनकी असफलता के लिए खूब लताड़ लगाई है। सईद ने बांग्लादेश के निर्माण में भारत की भूमिका पर विस्तार से लिखा है साथ ही पाकिस्तान के लिए कश्मीर क्यों अहम है, इसके बारे में भी बताया है।
सईद को संयुक्त राष्ट्रसंघ और अमेरिका ने दुनिया का बड़ा आतंकी घोषित कर रखा है। इन आरोपों के चलते पाकिस्तान की सरकार ने नजरबंद भी कर रखा था। बाद में अदालत के आदेश पर वह रिहा हुआ था। आतंकी गतिविधियों में उसी संलिप्तता की वजह से अमेरिका ने उसपर 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है।