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हिजबुल प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन पर इस्लामाबाद में हमला, चल रहा इलाज

 Reported By: IANS
 Published : May 29, 2020 11:16 pm IST,  Updated : May 29, 2020 11:16 pm IST

जम्मू-कश्मीर में अशांति पैदा करने के साथ ही भारत में हुए कई आंतकी हमलों के जिम्मेदार आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन पर 25 मई को इस्लामाबाद में अज्ञात हमलावरों ने कथित तौर पर हमला कर दिया।

Syed Salahuddin- India TV Hindi
Syed Salahuddin Image Source : IANS PHOTO

इस्लामाबाद: जम्मू-कश्मीर में अशांति पैदा करने के साथ ही भारत में हुए कई आंतकी हमलों के जिम्मेदार आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन पर 25 मई को इस्लामाबाद में अज्ञात हमलावरों ने कथित तौर पर हमला कर दिया। यह जानकारी सूत्रों ने दी। बताया जा रहा है कि इन दिनों सलाहुद्दीन और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और इस हमले की योजना आईएसआई द्वारा ही बनाई गई है।

खुफिया एजेंसियों के सूत्रों ने कहा कि मोहम्मद यूसुफ शाह उर्फ सैयद सलाहुद्दीन हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका इलाज चल रहा है। सलाहुद्दीन यूनाइटेड जिहाद काउंसिल नामक पाकिस्तान समर्थक आतंकवादी समूहों के गठबंधन का प्रमुख भी है।

सलाहुद्दीन को अमेरिकी विदेश विभाग ने वैश्विक आतंकवादी घोषित किया है। खुफिया एजेंसी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, "उसे इस्लामाबाद में 25 मई को हिजबुल मुजाहिदीन परिसर के पास निशाना बनाया गया।" अधिकारी ने बताया कि कथित रूप से हमले की योजना आईएसआई द्वारा बनाई गई। उन्होंने बताया कि यह हमला सलाहुद्दीन को मारने के लिए नही, बल्कि उसे और उसके आतंकी संगठन के सदस्यों को एक संदेश देने के लिए किया गया है।

सलाहुद्दीन और उसके आईएसआई हैंडलर के बीच पिछले साल अगस्त में जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से फासला होना शुरू हो गया था। खुफिया सूत्रों ने कहा कि सलाहुद्दीन या उसके संगठन को भारत सरकार के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के कदम के बारे में कोई एहसास ही नहीं था। इसके बाद से ही आईएसआई ने धीरे-धीरे हिजबुल मुजाहिदीन से अपना समर्थन वापस लेना शुरू कर दिया था।

सूत्रों ने कहा कि आईएसआई ने सलाहुद्दीन को भारत सरकार के कदम के खिलाफ घाटी में बड़े पैमाने पर हमले का निर्देश दिए थे, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रहा, जिससे आईएसआई नाराज हो गई। सूत्रों ने कहा कि जब आईएसआई ने उसे अपना समर्थन वापस लेने का संदेश देना शुरू किया, तो सलाहुद्दीन ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के नेता राजा फारूक हैदर और अन्य से संपर्क किया। सूत्रों ने कहा कि उसने आईएसआई से घाटी में हमले करने का वादा किया था। इस बीच आईएसआई ने हिजबुल कैडर को पर्याप्त प्रशिक्षण, हथियार और गोला-बारूद उपलब्ध कराना बंद कर दिया।

कश्मीर में हिजबुल को मिलने वाले समर्थन में कमी से वह कमजोर हो गया था। इसके अलावा इस महीने की शुरूआत में कश्मीर में हुई मुठभेड़ में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा हिजबुल कमांडर रियाज नाइकू के खात्मे के बाद तो सलाहुद्दीन बैकफुट पर चला गया। सूत्रों का कहना है कि उसने पीओके में हिजबुल कैडर के साथ बातचीत के दौरान आईएसआई की खुले तौर पर आलोचना की थी।

नाइकू के मारे जाने के बाद सलाहुद्दीन ने कहा था कि कश्मीर घाटी में भारतीय सुरक्षा बलों की स्थिति मजबूत है। ऐसा कहते हुए उसका एक वीडियो सामने आया था। सलाहुद्दीन को नायकू की मौत पर शोक व्यक्त करने के लिए रावलपिंडी में आयोजित एक सभा में यह कहते हुए सुना गया कि पांच सुरक्षाकर्मियों की हत्या के बाद भी भारतीय सुरक्षा बल की स्थिति मजबूत बनी हुई है।

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