दमिश्क: सीरिया के एक अधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा कि उसके देश के ऐतिहासिक शहर पालमाइरा पर आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस ) के घिनौने हमलों को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाया जाए। अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अगर आईएस इस शहर पर कब्ज़ा करने में कामयाब हो गया तो इसके विनाशकारी नतीजे होंगे। सीरिया के प्राचीन वस्तुओं और संग्रहालयों के महानिदेशक मैमून अब्दुल करीम ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ से शुक्रवार को कहा कि हम पालमाइरा पर आईएस के आतंकवादी समूह के वहशियाना हमलों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता का आह्वान करते हैं।
पालमाइरा सीरिया के पूर्वी हिस्से के प्रांत होम्स का एक नखलिस्तान है। लाखों साल का इतिहास अपने दामन में समेटे इस शहर के आसपास इस वक्त सीरिया की फौजों और आईएस आतंकवादियों के बीच घमासान छिड़ा हुआ है।
शुक्रवार को भी शहर के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में लड़ाई जारी रही।
अब्दुल करीम ने कहा कि शहर में आईएस आतंकवादियों के घुसने का खतरा बड़ी तबाही लेकर आएगा जो इन्होंने उत्तरी इराक में मचाई थी। उत्तरी इराक के ऐतिहासिक शहरों की बर्बादी को अंतरराष्ट्रीय समुदाय खामोशी से देखता रहा था।
सीरिया के अफसर ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का आह्वान किया कि वक्त रहते कार्रवाई की जाए। पालमाइरा में उस बर्बादी को होने से रोका जाए जो इराक के प्राचीन शहरों में हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आईएस के लड़ाके पालमाइरा से कुछ किलोमीटर दूर ही हैं। सीरिया की फौज उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही है।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीट समुदाय को समझना होगा कि सीरिया की सेना एक सभ्यता की हिफाज़त कर रही है। समूचे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को वे तरीके निकालने होंगे जो आईएस की वहशियाना कार्रवाई को और उन्हें इराक और सीरिया की सभ्यता को बर्बाद करने से रोक सके।
उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि अगर आईएस पालमाइरा में घुसने में कामयाब हो जाता है तो यह पूरी दुनिया के लिए नुकसानदेह होगा।
यूनेस्को ने भी पालमाइरा के हालात पर चिंता जताई है। यूनेस्को महानिदेशक इरिना बोकोवा ने कहा कि सभी पक्षों को इस ऐतिहासिक शहर और यहां रहने वाले बाशिंदों को तबाह होने से बचाने के लिए सभी उपाय करने होंगे।
यूनेस्को का कहना है कि पालमाइरा मध्य पूर्व की सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है। इस शहर में उन ऐतिहासिक इमारतों के अवशेष हैं जो प्राचीन दुनिया के बेहद महत्वपूर्ण सांस्कृतिक जगहों में से एक हुआ करते थे।
यूनेस्को का कहना है कि पालमाइरा में कई सभ्यताओं का संगम है। यहां ग्रीको रोमन तकनीक के साथ स्थानीय परंपराओं और ईरान की कला का असर साफ देखा जा सकता है। सीरिया में प्रागैतिहासिक, ग्रीक, बाइजेंटाइन, इस्लामी धरोहरें पाई जाती हैं। यहां जंग से पहले पूरी दुनिया से पुरातत्वविद इतिहास की नई जानकारियां हासिल करने आते रहते थे। यूनेस्को ने सीरिया की राजधानी दमिश्क समेत छह जगहों को अपने विश्व धरोहरों की सूची में जगह दी है।