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इजराइल ने संघर्ष विराम प्रयासों के बावजूद गाजा में जमीनी हमले की धमकी दी

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : May 14, 2021 11:09 am IST,  Updated : May 14, 2021 11:09 am IST

इजराइल ने कहा कि वह गाजा सीमा पर बड़ी संख्या में सैनिकों को भेज रहा है और उसने हमास शासित क्षेत्र में संभावित जमीनी आक्रमण के लिए 9,000 सैनिकों को तैयार रहने को कहा है।

इजराइल ने संघर्ष विराम प्रयासों के बावजूद गाजा में जमीनी हमले की धमकी दी- India TV Hindi
इजराइल ने संघर्ष विराम प्रयासों के बावजूद गाजा में जमीनी हमले की धमकी दी Image Source : AP

यरुशलम: इजराइल ने कहा कि वह गाजा सीमा पर बड़ी संख्या में सैनिकों को भेज रहा है और उसने हमास शासित क्षेत्र में संभावित जमीनी आक्रमण के लिए 9,000 सैनिकों को तैयार रहने को कहा है। यह दिखाता है कि दोनों शत्रु युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं। मिस्र के मध्यस्थ संघर्ष विराम प्रयासों के लिए इजराइल पहुंचे लेकिन इसमें प्रगति के कोई संकेत नहीं दिखे हैं। इजराइल में चौथी रात भी साम्प्रदायिक हिंसा होने के बाद लड़ाई और तेज हो गई। यहूदी और अरब समूहों में लॉड शहर में झड़पें हुई। पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के आदेश देने के बावजूद झड़पें हुईं। इस लड़ाई ने इजराइल में दशकों बाद भयावह यहूदी-अरब हिंसा को जन्म दिया है। लेबनान से देर रात रॉकेट दागे गए जिससे इजराइल की उत्तरी सीमा पर एक तीसरे पक्ष के शामिल होने का खतरा पैदा हो गया है। 

हमास के एक वरिष्ठ निर्वासित नेता सालेह अरुरी ने लंदन स्थित एक चैनल को शुक्रवार को बताया कि उनके समूह ने पूर्ण संघर्ष विराम के लिए और बातचीत करने देने के लिए तीन घंटे के विराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि मिस्र, कतर और संयुक्त राष्ट्र संघर्ष विराम प्रयासों की अगुवाई कर रहे हैं। इजराइली सेना ने शुक्रवार को कहा कि गाजा में हवाई और जमीनी हमले हो रहे हैं। गाजा सिटी के बाहरी इलाकों में विस्फोटों से आसमान में धुएं का गुबार बन गया। हमले इतने भयावह थे कि कई किलोमीटर दूर शहर में लोगों की चीखें सुनी गई। 

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा, ‘‘मैंने कहा था कि हमास से बहुत भारी कीमत वसूल करेंगे। हम यही कर रहे हैं और भारी बल के साथ यही करते रहेंगे।’’ यह लड़ाई सोमवार को शुरू हुई जब यरुशलम को बचाने का दावा करने वाले हमास ने लंबी दूरी के रॉकेट दागने शुरू किए। इजराइल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई हवाई हमले किए। तब से इजराइल ने गाजा में सैकड़ों ठिकानों को निशाना बनाया है। गाजा उग्रवादियों ने इजराइल में करीब 2,000 रॉकेट दागे जिससे देश के दक्षिण क्षेत्र में जनजीवन ठप हो गया। तेल अवीव शहर को निशाना बनाते हुए भी कई रॉकेट दागे गए। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हमलों में करीब 100 फलस्तीनी मारे गए जिनमें 28 बच्चे और 15 महिलाएं शामिल हैं जबकि 621 लोग घायल हो गए। हमास और इस्लामिक जिहाद उग्रवादी समूह ने 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। हालांकि इजराइल ने कहा कि संख्या इससे कहीं अधिक है। इजराइल में सात लोगों की मौत हो गई जिनमें छह साल का लड़का शामिल है। 

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि उन्होंने लड़ाई खत्म करने को लेकर नेतन्याहू से बात की है लेकिन साथ ही इजराइली नेता का समर्थन भी किया। वहीं, बृहस्पतिवार को मिस्र के अधिकारी संघर्ष विराम के लिए पहुंचे। मिस्र अकसर इजराइल और हमास के बीच मध्यस्थ का काम करता है और पिछली कई लड़ाइयों को खत्म करने में उसकी अहम भूमिका रही है। अधिकारियों ने सबसे पहले गाजा में हमास के नेताओं से बात की और उसके बाद तेल अवीव में इजराइली नेताओं से बातचीत की। मिस्र के दो खुफिया अधिकारियों ने यह जानकारी दी। हमास के निर्वासित नेता इस्माइल हानियेह ने कहा कि वह मिस्र के अधिकारियों के संपर्क में हैं। 

संघर्ष विराम के प्रयासों के बावजूद इजराइल के रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज ने बृहस्पतिवार देर रात अतिरिक्त 9,000 सैनिकों को गाजा सीमा पर भेजने का आदेश दिया। सेना के मुख्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हिदाई जिल्बरमैन ने कहा कि संभावित जमीनी आक्रमण के लिए गाजा सीमा पर सैनिक एकत्रित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि टैंक, बख्तरबंद वाहनों और तोपों को तैयार किया जा रहा है। हमास ने भी पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया है। उसने दिन भर कई रॉकेट दागे। हमास ने कहा कि उसने गाजा से सबसे शक्तिशाली रॉकेट अयाश दागे। उसने एक ड्रोन भी छोड़ा जिसे इजराइल ने फौरन मार गिराया। हमास के सैन्य प्रवक्ता अबू उबेदा ने कहा कि उनका समूह जमीनी आक्रमण से डरा नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी आक्रमण से सैनिकों को मारने या बंधक बनाने की आशंका बढ़ेगी। 

यह संघर्ष ऐसे वक्त चल रहा है जब मुस्लिमों के लिए रमजान का पवित्र महीना खत्म होने के बाद ईद मनायी जा रही है। हिंसा का यह दौर एक महीने पहले यरुशलम में शुरू हुआ जहां रमजान के पवित्र महीने के दौरान हथियारों से लैस इजराइली पुलिस तैनात रही और यहूदी शरणार्थियों द्वारा दर्जनों फलस्तीनी परिवारों को निर्वासित करने के खतरे ने प्रदर्शनों को हवा दी और पुलिस के साथ झड़पें हुई। अल अक्सा मस्जिद में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों पर ग्रेनेड फेंके। 

इनपुट-भाषा

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