लाहौर: पाकिस्तान में होने वाले आम चुनावों के मद्देनजर मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने मिल्ली मुस्लिम लीग के लिए प्रचार शुरू कर दिया है। यह पार्टी जमात उद दावा का सियासी अंग है। अमेरिका ने पिछले महीने मिल्ली मुस्लिम लीग (MML) को विदेशी आतंकवादी संगठनों की फेहरिस्त में डाल दिया था और कहा था कि प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य MML का नेतृत्व कर रहे हैं और तथाकथित यह पार्टी अपने बैनरों और पर्चों में खुले आम सईद की तस्वीर लगा रही है।
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गौर करने वाली बात यह है कि पाकिस्तान चुनाव आयोग (ECP) ने MML को पंजीकृत नहीं किया है, फिर भी सईद पार्टी के प्रचार में जुट गया है। इसके अलावा पाकिस्तान की सरकार ने भी मिल्ली मुस्लिम लीग को राजनीतिक पार्टी के रूप में मान्यता देने के लिए क्लीयरेंस सर्टिफिकेट नहीं दिया है। सईद ने शनिवार को हारूनाबाद में एमएमएल की पहली चुनावी सभा को संबोधित किया और लोगों से पार्टी के लिए वोट मांगे। इस मौके पर सेना के पूर्व महानिदेशक मोहम्मद ज़िया-उल-हक के बेटे इजाज़-उल-हसन भी मौजूद थे।
सईद ने कहा कि पाकिस्तान के दुश्मन देश में संगठनों के बीच टकराव चाहते हैं ताकि वे अपना दुष्ट मनसूबा हासिल कर सकें। उसने कहा,‘हमें उनका एजेंडा नाकाम करने के लिए एकजुट होना है।’ सईद ने पाकिस्तान सरकार से भारत के प्रति अपनी नीति को बदलने की मांग की। MML की प्राथमिकताओं को बताते हुए लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक ने पुष्टि की कि उसका संगठन जमात-उद- दावा एमएमएल के बैनर तले 2018 का आम चुनाव लड़ेगा।