इस्लामाबादः पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ आतंकी और हाफिज सईद के करीबी सहयोगी शेख यूसुफ अफरीदी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि उसे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर जहन्नुम पहुंचा दिया।
कौन था शेख यूसुफ अफरीदी
शेख यूसुफ अफरीदी लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का वरिष्ठ आतंकी था। वह पाकिस्तान स्थित इस आतंकी संगठन का एक प्रभावशाली क्षेत्रीय कमांडर माना जाता था। वह दक्षिण एशिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों में से एक माने जाने वाले संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका रखता था। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, अफरीदी लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद का करीबी सहयोगी था। वह अफगानिस्तान से लगने वाले ट्राइबल बेल्ट में एक विश्वसनीय आयोजक के रूप में जाना जाता था।
लश्कर में युवाओं की भर्ती और प्रचार नेटवर्क का था कमांडर
शेख यूसुफ उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में संगठन के लिए भर्ती नेटवर्क, वैचारिक प्रचार और लॉजिस्टिकल सपोर्ट संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में उनकी पकड़ विशेष रूप से मजबूत थी। इन इलाकों में आतंकी समूह लंबे समय से दुर्गम इलाके और राज्य की कमजोर पकड़ का फायदा उठाकर अपना समर्थन आधार बनाते रहे हैं। यूसुफ अफरीदी लश्कर-ए-तैयबा के सार्वजनिक चेहरों में शामिल नहीं था, लेकिन खुफिया एजेंसियां उसे लंबे समय से पर्दे के पीछे काम करने वाला एक अहम व्यक्ति मानती रही हैं। उसके संगठन के वरिष्ठ नेता सार्वजनिक कार्यक्रमों या चैरिटी फ्रंट पर दिखते थे, मगर अफरीदी क्षेत्रीय स्तर पर परिचालन समन्वय संभालता था। यही वजह थी कि वह संगठन के लिए काफी मूल्यवान था। वह स्थानीय संपर्क बनाए रखने और लोगों व संसाधनों की आवाजाही सुनिश्चित करने में अहम रोल अदा करता था।
संगठन को सक्रिय रखने का था बड़ा सूत्रधार
अधिकारियों का मानना है कि उसकी पहुंच सिर्फ स्थानीय आतंकी ढांचे तक सीमित नहीं थी। खुफिया आकलनों में उसे सीमा पार सुविधा चैनलों और युवा भर्तियों के लिए वैचारिक जुटान से भी जोड़ा गया है। इन जिम्मेदारियों के कारण उसे संगठन के दूसरे स्तर के नेतृत्व का हिस्सा माना जाता था, जो शीर्ष नेताओं पर नजर रखे जाने या पाबंदियां लगने के बावजूद संगठन को सक्रिय रखने में मदद करता था।
कैसे मारा गया शेख यूसुफ
खैबर पख्तूनख्वा में उसकी मौत पाकिस्तान में आतंकी तत्वों पर हो रहे लक्षित हमलों की बढ़ती श्रृंखला का हिस्सा है। हाल के वर्षों में प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े कई लोगों की अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा हत्या की गई है, जिसे विश्लेषक पाकिस्तान के आतंकी परिदृश्य में एक चिंताजनक प्रवृत्ति बता रहे हैं। यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि अफरीदी को आंतरिक प्रतिद्वंद्विता, विदेशी खुफिया एजेंसियों के ऑपरेशन या व्यक्तिगत विवाद के कारण निशाना बनाया गया। सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए शेख यूसुफ अफरीदी सिर्फ एक क्षेत्रीय कमांडर नहीं, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा को पर्दे के पीछे से चलाने वाली संगठनात्मक मशीनरी का हिस्सा था। उसकी हत्या से हाफिज सईद को तगड़ा झटका लगा है।