1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी पर भड़का ईरान, बताया संप्रभुता का उल्लंघन; खटखटाया UN का दरवाजा

अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी पर भड़का ईरान, बताया संप्रभुता का उल्लंघन; खटखटाया UN का दरवाजा

 Edited By: Amit Mishra
 Published : Apr 14, 2026 01:17 pm IST,  Updated : Apr 14, 2026 01:17 pm IST

ईरान बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी को लेकर भड़क गया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने इसे लेकर UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखा है।

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी- India TV Hindi
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी Image Source : AP

तेहरान: ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी को लेकर अमेरिका की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन बताया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और UN सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को भेजे गए एक पत्र में, इरावानी ने वॉशिंगटन के इस कदम को आक्रामकता वाला अवैध कृत्य करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शांति के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

UN चार्टर का हो रहा उल्लंघन

इरावानी ने पत्र में लिखा, नौसैनिक नाकेबंदी ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन है। उन्होंने आगे कहा कि इस कदम की सार्वजनिक घोषणा 12 अप्रैल को US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा की गई थी। इरावानी ने कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई UN चार्टर के अनुच्छेद 2, पैराग्राफ 4 का उल्लंघन करती है जो बल के प्रयोग या उसकी धमकी को प्रतिबंधित करता है। यह अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत आक्रामकता का एक स्पष्ट उदाहरण है।

'कानून का उल्लंघन है अवैध नाकेबंदी'

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने कहा कि यह अवैध नाकेबंदी समुद्र के अंतर्राष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों का भी गंभीर उल्लंघन करती है।

पत्र में कहा गया, "ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले समुद्री यातायात को रोकने का प्रयास करके अमेरिका इस्लामिक गणराज्य ईरान के संप्रभु अधिकारों के प्रयोग में अवैध रूप से हस्तक्षेप कर रहा है। यह अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार वैध समुद्री व्यापार का उल्लंघन है।

'अमेरिका है जिम्मेदार'

इरावानी ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान संयुक्त राज्य अमेरिका की इस अवैध कार्रवाई को पूरी दृढ़ता और कड़े से कड़े शब्दों में अस्वीकार और निंदा करता है। उन्होंने कहा कि तेहरान अपनी संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उठाने का अपना अधिकार सुरक्षित रखता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका इस गलत कृत्य और इसके सभी परिणामों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है जिसमें शांति और सुरक्षा पर पड़ने वाले इसके प्रभाव भी शामिल हैं।

'कदम उठाए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद'

तत्काल अंतर्राष्ट्रीय हस्तक्षेप का आह्वान करते हुए ईरानी दूत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस नाकेबंदी की निंदा करने और तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति पहले से ही अस्थिर क्षेत्र में स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करती है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि इस पत्र को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक आधिकारिक दस्तावेज के रूप में प्रसारित किया जाए।

यह भी पढ़ें:

मध्य पूर्व में मौजूद है US Navy, USS अब्राहम लिंकन समेत 15 जहाज बढ़ा सकते हैं ईरान की परेशानी

जेडी वेंस ने दिया बड़ा बयान, बोले- 'वार्ता के दौरान हुई प्रगति, अब ईरान के पाले में है गेंद'

 
 
Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश